लखनऊ, 20 अप्रैल 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘योगी की पाती’ के जरिए प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए भीषण गर्मी से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों और जरूरी सावधानियों का संदेश दिया है। उन्होंने पत्र की शुरुआत प्रकृति के चक्र का उल्लेख करते हुए की। बताया कि जिस तरह मौसम बदलता है उसी तरह फसलों का भी क्रम चलता है। इसमें थोड़ी भी गड़बड़ी बाढ़, सूखा या महामारी जैसी समस्याएं खड़ी कर सकती है।
सीएम ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु अपने चरम पर है और बढ़ता तापमान सभी को सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। प्रदेश के हर नागरिक का जीवन अनमोल बताते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ने कड़ाके की ठंड की तरह प्रचंड गर्मी से निपटने के लिए भी व्यापक तैयारी की है। शासन के हर स्तर पर समन्वित और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई है।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए करीब 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। सभी थर्मल पावर प्लांट्स को पूरी क्षमता से संचालित किया जा रहा है जबकि फिलहाल पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का कार्य रोक दिया गया है जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
गर्मी से राहत देने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव, छायादार स्थानों की व्यवस्था और श्रमिकों को लू व निर्जलीकरण से बचाने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक और निर्माण स्थलों पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
तहसील, थाने, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों में मुफ्त ठंडे पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। पशुधन और वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार सतर्क है। गोशालाओं में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था और अभयारण्यों में हीट-वेव एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र के अंत में सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि वे खुद भी सतर्क रहें। घर के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी रखें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें, बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें और आग लगने जैसी घटनाओं से बचने के लिए लापरवाही न करें। उन्होंने इसे मानवता और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का अवसर भी बताया।






