ज्योतिर्मठ/पांडुकेश्वर, 21 अप्रैल 2026:
राजकिशोर तिवारी
चारधाम यात्रा के अहम पड़ाव बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने से पहले धार्मिक परंपराओं का सिलसिला शुरू हो गया। इसी कड़ी में मंगलवार को ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर से पूजा के बाद देवडोलियां बदरीनाथ के लिए रवाना हुईं।
आदि गुरु शंकराचार्य की डोली और गरुड़ की उत्सव मूर्ति वैदिक मंत्रों के बीच यात्रा पर निकली। डोली का पहला पड़ाव पांडुकेश्वर स्थित योग बदरी मंदिर रहा, जहां स्कूली बच्चों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पूरे रास्ते माहौल भक्ति से भरा रहा। यात्रा में रावल अमरनाथ नंबूदरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती समेत कई लोग मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के मुताबिक 22 अप्रैल को योग बदरी पांडुकेश्वर से उद्धव और कुबेर की मूर्तियां शंकराचार्य की गद्दी के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचेंगी। इसी क्रम में डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तेल कलश लेकर ज्योतिर्मठ पहुंचे हैं, जो 22 अप्रैल को धाम ले जाया जाएगा। इस दौरान प्रशासन और मंदिर समिति के अधिकारी, पुजारी, वेदपाठी, स्थानीय जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु मौजूद रहे।






