लखनऊ/लखीमपुर, 21 अप्रैल 2026:
यूपी की तराई अब पर्यटन के नक्शे पर और ज्यादा चमकने को तैयार है। जंगलों की खूबसूरती के बीच सफर करने वाले पर्यटकों को अब रास्ता खोजने की दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए योगी सरकार ने इको-टूरिज्म स्थलों को स्मार्ट गाइड देने का फैसला किया है।
प्रदेश सरकार दुधवा टाइगर रिजर्व, किशनपुर वन्यजीव अभ्यारण्य और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य जैसे प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों पर आधुनिक साइनेज स्थापित करने जा रही है। 3.11 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पहले चरण में 50 लाख रुपये जारी भी कर दिए गए हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक यह पहल पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन देने के साथ उनकी यात्रा को सुरक्षित और सहज बनाएगी। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक धरोहरों को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है जिससे ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचें और प्रदेश की जैव विविधता का अनुभव कर सकें।

योजना का सबसे बड़ा हिस्सा दुधवा क्षेत्र को मिला है जहां 2.51 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हाईटेक साइनेज लगाए जाएंगे। ये साइनेज मौन गाइड की तरह काम करते हुए पर्यटकों को सही दिशा दिखाएंगे। इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां भी देंगे।
सिर्फ रास्ता बताने तक ही यह पहल सीमित नहीं है। साइनेज के जरिए नो प्लास्टिक, वन्य जीवों से दूरी बनाए रखें और शांत रहें जैसे संदेश देकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, वन्यजीवों, जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी से जुड़ी रोचक जानकारी भी पर्यटकों को मिलेगी।
विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि दुधवा में सफारी मार्ग, टाइगर और बफर जोन की पहचान अब और आसान होगी। वहीं किशनपुर में बर्ड वॉचिंग और नेचर ट्रेल्स को बेहतर तरीके से चिन्हित किया जाएगा। कतर्नियाघाट में गंगा डॉल्फिन और घड़ियाल जैसे दुर्लभ जीवों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ जंगलों की संवेदनशीलता और सुरक्षा को भी नई मजबूती देगी।






