लखनऊ, 21 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में महिलाओं के मार्च को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा के मार्च को बड़ा दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही संसद से पारित होकर कानून बन चुका है लेकिन भाजपा जनता को गुमराह करने में जुटी है।
सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि सभी दलों ने मिलकर महिला आरक्षण बिल पास किया था लेकिन भाजपा झूठ फैला रही है कि यह पारित नहीं हुआ। असल में उनकी बदनीयती पास नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को बांटने की राजनीति कर रही है। समाज में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा की पदयात्रा पर तंज कसते हुए सपा मुखिया ने कहा कि इतनी तेज धूप में बिना चश्मा लगाए पदयात्रा निकाली गई। शायद पहली बार कोई सरकार अपने ही बिल के समर्थन में इतनी मेहनत कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का यह प्रयास केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है और जनता अब इसे समझ चुकी है।
अखिलेश यादव ने सीएम योगी के बयान ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह बयान परिस्थितियों से मेल नहीं खाता और शायद किसी और असर का नतीजा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सदन में स्पष्ट किया जाए कि जो महिला आरक्षण बिल पास हुआ था, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है।
इस दौरान उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे को भी उठाया। एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक चाय बेचने वाले युवक की दुकान बंद करा दी गई, जबकि सरकार रोजगार देने में विफल रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के मौके पर सपा ने संगठन विस्तार का भी संदेश दिया। बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमएच खान, श्यामलाल निषाद, विजय कुमार लाल, अखिलेश पाठक, इशरत अली खान और नीलू सत्यार्थी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वहीं, सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया।






