न्यूज डेस्क, 25 अप्रैल 2026:
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक अहम कदम उठाते हुए तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है। करीब दो महीने बाद बहाल हुई इन सेवाओं को क्षेत्र में सामान्य स्थिति की ओर बढ़ते संकेत के रूप में देखा जा रहा है। शनिवार को यहां से इस्तांबुल, मस्कट और सऊदी अरब के मदीना शहर के लिए उड़ानें रवाना हुईं।
एक फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार कम से कम तीन उड़ानें सुबह इस्तांबुल के लिए रवाना हुईं। बताया जा रहा है कि हाल ही में अमेरिका के साथ युद्धविराम के बाद ईरान ने इस महीने की शुरुआत में आंशिक रूप से अपना हवाई क्षेत्र खोला था जिसके बाद अब पूर्ण रूप से उड़ानों की वापसी शुरू हो गई है।
हालांकि, इसी बीच एक अन्य घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ईरानी न्यायपालिका ने एरफान कियानी नामक व्यक्ति को जासूसी के आरोप में फांसी दे दी है। उस पर इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से संबंध रखने और सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। साथ ही जनवरी में इस्फहान में सुरक्षा बलों पर हमले में उसकी कथित भूमिका भी बताई गई। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सार्वजनिक साक्ष्य सामने नहीं आए हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ईरान में कई मामलों की सुनवाई बंद कमरों में होती है। वहां आरोपियों को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर नहीं मिल पाता। हाल के दिनों में कथित जासूसों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी की घटनाओं में तेजी आई है।
इस बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई। पाकिस्तान खुद को अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
उधर, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कारणों से लॉकडाउन जारी है। शहर के प्रमुख मार्ग बंद हैं और रेड जोन में कड़ी सुरक्षा तैनात है। ब्लू एरिया जैसे व्यावसायिक इलाकों में सन्नाटा पसरा है। कैफे में सामान की कमी है और सार्वजनिक परिवहन ठप होने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
इन तमाम घटनाओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता पर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। इससे क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह कम होता नहीं दिख रहा।






