लखनऊ, 29 अप्रैल 2026:
यूपी के बहराइच में विपक्षी दलों के नेताओं के पुतला दहन के दौरान झुलसीं भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल का हालचाल जानने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मेदांता अस्पताल पहुंचने के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई। इस एक मुलाकात ने राजनीतिक माहौल को नया मोड़ दे दिया जिसके बाद सत्ता और सहयोगी दलों के नेताओं का अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को दिन में अस्पताल पहुंचकर अनुपमा जायसवाल से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उनके इस कदम को राजनीतिक शिष्टाचार और मानवीय पहल के तौर पर देखा गया। अखिलेश ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि वे समाज में आग नहीं बल्कि सौहार्द की फुहार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है लेकिन मानवीय संबंधों का महत्व अलग होता है।

अखिलेश के जाने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर अस्पताल पहुंचे। वहीं शाम होते-होते डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत भाजपा और सहयोगी दलों के कई नेता अनुपमा जायसवाल का हालचाल लेने मेदांता पहुंचे। सभी नेताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उन्हें संघर्षशील जननेता बताया।
गौरतलब है कि बहराइच में भाजपा के ‘नारी वंदन अभियान’ के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन में अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी आदि के पुतले जलाने के दौरान आग की चपेट में आकर अनुपमा जायसवाल झुलस गई थीं।
इस पूरे घटनाक्रम में उस वक्त नया मोड़ आया जब अस्पताल में भर्ती अनुपमा जायसवाल ने अखिलेश यादव के संदेश पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आभार जताते हुए साफ कहा कि मातृशक्ति के सम्मान की रक्षा के लिए वे हर बलिदान को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अखिलेश यादव नारी वंदन अधिनियम पर अपना नजरिया बदलेंगे। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक सौहार्द का संदेश देने के साथ नारी वंदन अधिनियम को लेकर सियासी बहस भी तेज कर दी है।






