बाराबंकी, 30 अप्रैल 2026:
जिला मुख्यालय से सटे जहांगीराबाद क्षेत्र में संचालित एक उद्योग से जुड़े मामले में कंपनी के निदेशक ने किसान यूनियन से जुड़े कुछ नेताओं पर रंगदारी मांगने और व्यापार में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि हर महीने 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है और रकम न देने पर फैक्ट्री बंद कराने की धमकी दी जा रही है।
लखनऊ गोमती नगर विस्तार क्षेत्र के रसल कोर्ट निवासी हेम करण माथुर जहांगीराबाद स्थित एमएलएल एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उनका कहना कि उनकी कंपनी वैध लाइसेंस के साथ बायो और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर व एनिमल फीड (माइक्रोन्यूट्रिएंट) का निर्माण करती है, लेकिन कुछ लोग संगठित तरीके से दबाव बना रहे हैं।
शिकायत के मुताबिक विनोद कुमार वर्मा जिला अध्यक्ष किसान यूनियन टिकैत बाराबंकी, आजाद वर्मा वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष, कमल कुमार वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष फतेहपुर, शिवराज रावत ब्लॉक प्रभारी सिरौली गौसपुर, बसंत लाल वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष सिरौली गौसपुर, उस्मान अली जिला उपाध्यक्ष, शुभम वर्मा सदरपुर, विपिन वर्मा रजईपुर और सोनू पुत्र कन्हैयालाल जहांगीराबाद सहित अन्य लोग फैक्ट्री पर आने वाले मालवाहक वाहनों के ड्राइवरों को रोककर धमकाते हैं और गुंडा टैक्स वसूलते हैं।

आरोप है कि गांव में किसानों को भड़काकर कंपनी के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है और कर्मचारियों को डराने धमकाने की कोशिश हो रही है। उद्योगपति का कहना है कि उनकी कंपनी सभी सरकारी मानकों का पालन कर रही है और समय-समय पर उत्पादों की जांच भी होती रही है, इसके बावजूद संबंधित लोग अलग-अलग विभागों में शिकायतें देकर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।
हेम करण द्वारा यह भी कहा गया है कि कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें 5 लाख रुपये महीना देने की मांग की बात सामने आई है। उद्योगपति ने प्रदेश की इन्वेस्ट यूपी नीति का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं यूपी के सीएम द्वारा निवेश और व्यापार के बनाए जा रहे सुरक्षित माहौल को प्रभावित करती हैं।
उद्योगपति ने पुलिस से मांग की है कि मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर कंपनी व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने की स्थिति में वह अपने लाइसेंस सरेंडर करने को मजबूर होंगे।






