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मलिहाबाद : फिर ‘गौरव’ से खड़ा हुआ मल्हिया पासी स्मृति द्वार…पांच दिन तक प्रवास पर डटे रहे पूर्व मंत्री

चोरी से हटाए गए स्मृति द्वार को लेकर पासी समाज में फैला था गुस्सा, जनप्रतिनिधियों के समर्थन से तेज हुआ आंदोलन, कौशल किशोर और विधायक जय देवी के नेतृत्व में लगातार चला प्रवास, दबाव के बाद प्रशासन ने किया पुनः स्थापना का काम

प्रमोद कुमार

मलिहाबाद (लखनऊ), 30 अप्रैल 2026:

मलिहाबाद तहसील रोड पर महाराजा मल्हिया पासी के सम्मान में बना गौरव द्वार पांच दिन के लगातार प्रवास के बाद बृहस्पतिवार सुबह दोबारा स्थापित कर दिया गया। द्वार हटाए जाने के विरोध में पूर्व मंत्री कौशल किशोर व विधायक जयदेवी द्वारा शुरू किये गए प्रवास के सामने आखिरकार प्रशासन को फैसला बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

बता दें कि 21 और 22 अप्रैल की रात अज्ञात लोगों ने इस स्मृति द्वार को चुपचाप हटा दिया था। ये स्मृति द्वार विधायक जयदेवी की निधि से स्वीकृत 12 द्वारों में शामिल था। अकेले यही द्वार हटने से नाराजगी बढ़ी तो पता चला कि इसे उसी कंपनी ने हटाया जिसने लगाया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई और द्वार थाने के पास जस का तस पड़ा रहा।

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इसे सरासर अपमान बताकर पासी समाज में नाराजगी फैल गई। समाज की पहचान और इतिहास से छेड़छाड़ बताते हुए पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर और मलिहाबाद विधायक जय देवी कौशल ने 25 अप्रैल की शाम मोहान तिराहे के पास धरना शुरू किया, जो लगातार पांच दिन तक चला। इस दौरान लखनऊ गजेटियर के जरिये ऐतिहासिक तथ्य भी रखे गए कि मलिहाबाद को राजा मल्हिया पासी ने बसाया था।

धरने के दौरान समाज के संगठन, स्थानीय बुजुर्ग और युवा लगातार मौके पर डटे रहे। आंदोलन को समर्थन देने के लिए मिश्रिख सांसद अशोक रावत, मोहनलालगंज विधायक अमरीश रावत और मोहन विधायक ब्रजेश रावत भी पहुंचे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी व अन्य संगठनों के समर्थन से आंदोलन का दबाव बढ़ता गया।

लगातार जारी प्रवास, बातचीत और बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन ने द्वार को दोबारा लगाने का आश्वासन दिया, जिसे गुरुवार सुबह पूरा कर दिया गया। द्वार की पुनः स्थापना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत जताई। विजयी मुद्रा के साथ फिर से खड़े गौरव द्वार के साथ फोटो खिंचवाई। विधायक जयदेवी कौशल ने मिठाई बांटी।

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इस मौके पर पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि यह सिर्फ एक ढांचा नहीं बल्कि पासी समाज के इतिहास और स्वाभिमान से जुड़ा प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मलिहाबाद क्षेत्र की बसावट महाराजा मल्हिया पासी से जुड़ी मानी जाती है, ऐसे में यह स्मृति द्वार समाज की पहचान का अहम हिस्सा है। सत्य परेशान हो सकता लेकिन पराजित नहीं। सत्य की यहां पर जीत हुई है। जिन लोगों ने लोगों को बरगलाने का काम किया उनसे मैं कहना चाहता हूं अपने समाज के लोगों को धोखा देने का काम मत करिए। जिस समाज से हैं उस समाज की बात करिए। जबरदस्ती अपने को दूसरी जाति का व्यक्ति घोषित करना अच्छी बात नहीं है।

पूर्व मंत्री ने कहा हमारे मलिहाबाद क्षेत्र में विधायक निधि द्वारा निषाद महाराजा गुह्य, लाखन पासी, छीता पासी, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वीरांगना ऊदा देवी पासी, महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप सिंह, महाराजा कंसा पासी, वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर, सम्राट अशोक, वीरांगना अवंतीबाई लोधी गेट लगाए गए इसके अलावा अभी संत रविदास, डॉ. अंबेडकर का अर्कवंशी समाज की जिन्होंने स्थापना की उनका और अन्य भी जो महापुरुष है उनके भी स्मृति द्वार लगाए जाने का काम किया जाएगा। फिलहाल द्वार की बहाली के बाद अब स्थानीय लोग इसकी सुरक्षा को लेकर भी मांग उठा रहे हैं ताकि आगे इस तरह की घटना दोहराई न जाए।

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