लखनऊ, 1 मई 2026:
गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को शुरुआती दौर में बड़ी राहत मिलने जा रही है। संचालन शुरू होने के बाद पहले 15 दिन तक इस एक्सप्रेसवे पर किसी तरह का टोल नहीं देना होगा। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से लिया गया है, ताकि लोग नई सड़क पर यात्रा का अनुभव ले सकें।
इस संबंध में यूपीडा ने मैसर्स आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और मैसर्स अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर को निर्देश जारी कर दिए हैं। अंतिम प्रमाणपत्र मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू की जाएगी। गंगा एक्सप्रेसवे पीपीपी मॉडल पर DBFOT टोल आधार पर तैयार किया गया है। इस मॉडल के तहत कन्सेशनायर को करीब 27 साल तक टोल वसूलने का अधिकार रहेगा।
हालांकि शुरुआती 15 दिन की छूट के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई राज्य सरकार और यूपीडा करेंगे। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी से पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। इसके चालू होने से लंबी दूरी का सफर तेज और आसान होने की उम्मीद है।






