लखनऊ, 2 मई 2026:
यूपी की सियासत में शब्दबाण थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब राजधानी लखनऊ की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) का एक वायरल वीडियो राजनीतिक हमले का केंद्र बन गया है। वीडियो में अस्पताल के एक वार्ड में मरीजों की भारी भीड़ और इलाज में लापरवाही के आरोप सामने आने के बाद सपा मुखिया ने सरकार और डिप्टी सीएम को निशाने पर ले लिया।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग संभाल रहे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अगर मुख्यमंत्री चुनावी पर्यटन से लौट आए हों और ‘रीलजीवी’ स्वास्थ्य मंत्री ‘भ्रामक-भ्रमण’ से फुर्सत पा लें, तो राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल की बदहाली देख लें।
अखिलेश ने यह भी कहा कि जनता की ओर से सामने आया वीडियो ‘सच्चा’ है और इसे एआई जेनरेटेड बताकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शिकायत उठाने वाले के खिलाफ किसी तरह की ‘बुलडोजर कार्रवाई’ न की जाए और न ही नोटिस भेजकर दबाव बनाया जाए। सपा प्रमुख के इस हमले ने सियासी पारा और चढ़ा दिया।
वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठख भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक्शन आए।। उन्होंने एक्स पर जानकारी दी कि केजीएमयू में अव्यवस्था, बेड की कमी और लापरवाही के चलते मरीज की मौत से जुड़े वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति को निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
ब्रजेश पाठक ने साफ कहा कि मरीजों की सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और सियासी आरोप-प्रत्यारोप को केंद्र में ला दिया है। इससे सियासी माहौल और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।






