Uttar Pradesh

नकली दवा फैक्ट्री भंडाफोड़ मामले में दवा माफिया फाइनेंसर की संपत्ति होगी जब्त

मयंक चावला


आगरा, 27 अक्टूबर 2024:

पिछली 22 अक्टूबर की शाम को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने छापा मारकर नकली दवाइयों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, जिसमें करीब 8 करोड़ रुपये की नकली नशीली दवाएं और मशीनरी जब्त की गई, साथ ही 10 लोग गिरफ्तार हुए थे ।

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अब इस मामले में दवा माफिया के फाइनेंसर विशाल अग्रवाल की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) के अनुसार, विशाल अग्रवाल ने नशे के अवैध कारोबार से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। अधिकारियों को उसकी संपत्ति जब्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज भेजे गए हैं और जल्द ही यह कार्रवाई की जाएगी।

विशाल अग्रवाल पर PIT NDPS एक्ट के तहत 1 से 3 साल तक निरुद्ध किए जाने का प्रावधान है, जबकि SAFEMA एक्ट के तहत उसकी चल-अचल संपत्ति भी जब्त की जाएगी। इस मामले में शासन ने जांच ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) को सौंप दी थी।

विशाल अग्रवाल के खिलाफ आगरा, हाथरस, मुरैना और सोनभद्र में गांजा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। जांच के अनुसार, विशाल अग्रवाल ने जेल में बंद दवा माफिया विजय गोयल से मुलाकात के बाद उसे फाइनेंस किया और जेल से छूटने पर हवाला के माध्यम से लाखों रुपये दिए। इसी फंडिंग से विजय गोयल ने नकली दवा फैक्ट्री का संचालन शुरू किया, जिसे ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने छापा मारकर उजागर किया।

इस छापेमारी में 8 करोड़ रुपये की नकली नशीली दवाएं, मशीनरी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दवा माफिया विजय गोयल, जो पहले भी पकड़ा जा चुका है, अब सिकंदरा थाने के क्षेत्र से दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है। लगभग एक साल पहले थाना जगदीशपुरा और सिकंदरा क्षेत्र में उसकी फैक्ट्रियां चलती हुई पाई गई थीं, जहां नकली दवाओं और खांसी की सिरप का निर्माण किया जा रहा था।

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