न्यूज डेस्क, 7 मई 2026:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में हिंसा और राजनीतिक टकराव के बीच गुरुवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चरम पर हैं। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता की चर्चा तेज हो गई है।
कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव को बेहद करीब से देखा और भाजपा का रवैया हैरान करने वाला था। अखिलेश ने आरोप लगाया कि जो ट्रायल यूपी में किया गया था, उससे भी ज्यादा खतरनाक प्रयोग बंगाल में हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर अराजकता फैलाने का काम कर रही है।

सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि चुनाव के बाद सुरक्षा संभालने के लिए भेजी गई केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियां आखिर अब कहां हैं? उन्होंने दावा किया कि बंगाल में चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर दबाव बनाकर मतदान कराया गया। कुछ तस्वीरें दिखाते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि यूपी उपचुनाव की तरह बंगाल में भी लोगों को वोट डालने से रोका गया और मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया की तरह चुनाव संचालित किया गया।
ममता बनर्जी का बचाव करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की आंखों में ममता इसलिए खटकती हैं क्योंकि वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने भाजपा पर सामंतवादी सोच रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देख सकती।
वहीं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या पर भी अखिलेश ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि जब बंगाल में तीन लाख से अधिक सीआरपीएफ जवान तैनात थे तो फिर हत्या की जिम्मेदारी कौन लेगा? अखिलेश ने यह भी दावा किया कि बड़ी संख्या में यूपी और बिहार से लोगों को बंगाल लाया गया था।
गौरतलब है कि नॉर्थ 24 परगना में बुधवार रात शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद बंगाल की सियासत और गरमा गई है। वहीं, ममता और अखिलेश की यह मुलाकात विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों के संकेत के तौर पर देखी जा रही है।






