बाराबंकी, 7 मई 2026:
शालीमार पैराडाइज में बंद पड़े बंगले से जेवर, कैश और लाइसेंसी पिस्टल चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया। मामले में प्रयागराज और आजमगढ़ के पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर सट्टेबाजी और शेयर मार्केट में भारी घाटे का दबाव था, जिसके बाद उसने अपने ही सामने रहने वाले कारोबारी के घर को निशाना बनाया।
लखनऊ रोड स्थित शालीमार पैराडाइज में हुई हाईप्रोफाइल चोरी में गिरफ्तार आकर्ष सिंह उर्फ यश मास्टरमाइंड निकला। उसके पिता IRS सेवा में थे। जो एक्साइज डिपार्टमेंट से असिस्टेंट कमिश्नर की पोस्ट से रिटायर हुए। उन्होंने शालीमार में ही एक अपार्टमेंट को अपना आशियाना बनाया। पीड़ित अजय कुमार सिंह का घर उन्हीं के ठीक सामने है। पुलिस जांच में सामने आया कि शेयर मार्केट और सट्टेबाजी में भारी नुकसान होने के बाद उसने अपने साथियों संग चोरी की साजिश रची।
पेशे से ठेकेदार अजय कुमार सिंह 19 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच परिवार के साथ घर देवरिया गए थे। इसी दौरान उनके बंद पड़े बंगले का ताला तोड़कर लॉकर से नगदी, जेवरात, लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस और शस्त्र लाइसेंस चोरी कर लिया गया। एक मई को केस दर्ज होने के बाद स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम खुलासे में जुट गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डेटा और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें आकर्ष सिंह उर्फ यश उसके प्रयागराज के दोस्त ऋत्विक यादव, अनुराग कथूरिया उर्फ अरमान, ऋषि कुमार सोनी उर्फ चंदन और पृथ्वी प्रताप सिंह उर्फ ओम निवासी आजमगढ़ शामिल हैं।
पूछताछ में पता चला कि 24 और 25 अप्रैल की रात आकर्ष सिंह खुद बंगले में घुसा था। उसका साथी पृथ्वी प्रताप सिंह छत पर खड़ा होकर फोन से निगरानी कर रहा था ताकि किसी के आने की सूचना तुरंत दी जा सके। चोरी के बाद सामान ऑडी कार में भरकर प्रयागराज ले जाया गया, जहां अनुराग कथूरिया के घर पर माल छिपाया गया। बाद में कुछ जेवर ऋत्विक यादव और ऋषि उर्फ चंदन को बेच दिए गए। पुलिस के मुताबिक बाकी ज्वेलरी गलाकर बेचने की तैयारी थी।
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 14.85 लाख रुपये नकद, बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर, लाइसेंसी पिस्टल, नौ कारतूस, छह मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल ऑडी कार बरामद की है। बरामद सामान में कई महंगे हार, अंगूठियां, रजवाड़ा सेट, घड़ियां, पायल, बिछिया और मंदिर डिजाइन वाले गहने शामिल हैं।






