लखनऊ, 8 मई 2026:
लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर अब ड्राइवरलेस ट्रेनें दौड़ेंगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने फेज-1बी के तहत 15 नई ट्रेन सेट और अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के डिजाइन व निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इन ट्रेनों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित, तेज और आरामदायक सफर मिल सके।
नई मेट्रो ट्रेनें अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन यानी UTO मोड पर चलेंगी। इस तकनीक में ट्रेनें बिना ड्राइवर के खुद चलती हैं, रुकती हैं और स्पीड कंट्रोल करती हैं। पूरी प्रणाली कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल यानी CBTC तकनीक पर काम करेगी। ट्रेन का हर मूवमेंट ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से मॉनिटर होगा।
सिस्टम इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी अपने आप बनी रहे। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में ट्रेन ऑटोमैटिक ब्रेक भी लगा सकेगी। इससे मानवीय गलती की संभावना कम होगी और ट्रेन संचालन ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की ट्रेनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम भी लगाया जाएगा। ट्रेन कंट्रोल एंड मैनेजमेंट सिस्टम को कम्प्यूटरीकृत मेंटेनेंस मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे ट्रेनों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकेगी और किसी फाल्ट का पता चलते ही सिस्टम खुद जॉब कार्ड तैयार कर देगा।

मेट्रो कोच के अंदर लगी इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा भी मिलेगी। इसका कंट्रोल सीधे ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए CO2 सेंसर बेस्ड HVAC सिस्टम लगाया जाएगा, जो कोच के अंदर यात्रियों की संख्या और हवा की गुणवत्ता के हिसाब से एसी कूलिंग अपने आप एडजस्ट करेगा।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर कोच में Passenger Emergency Intercom यानी PEI सिस्टम लगाया जाएगा। इमरजेंसी की स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकेंगे। जिस कोच से कॉल की जाएगी, उसकी लाइव फुटेज कंट्रोल रूम और सिक्योरिटी टीम को तुरंत दिखाई देगी। अगले स्टेशन पर सुरक्षा टीम मदद के लिए मौजूद रहेगी।
यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में लखनऊ मेट्रो देश के 24 शहरों में चल रही मेट्रो सेवाओं के मुकाबले प्रति किलोमीटर सबसे कम ऊर्जा खर्च करने वाली प्रणालियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की ट्रेनें भी सुरक्षा, तकनीक और ऊर्जा बचत के मामले में बेहतर मानक तय करेंगी। यह टेंडर ई-टेंडर पोर्टल पर जारी किया गया है। आवेदन की अंतिम तारीख 16 जून तय की गई है।






