लखनऊ, 12 मई 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीद कम करने, विदेश यात्राओं में कटौती, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मंगलवार को राजधानी लखनऊ में इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने विधानभवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
विधानभवन के मुख्य गेट पर स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने पहुंचीं सपा महिला सभा की कार्यकर्ताओं ने जमीन पर लेटकर नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाएं हाथों में पोस्टर लिए थीं। उन पर महिलाओं का मंगलसूत्र छीनने वाली सरकार नहीं चाहिए जैसे स्लोगन लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी के साथ सीएम योगी के खिलाफ भी नारे लगाए।

मालूम हो कि विधानभवन के पास काफी पुलिस बल की तैनाती रहती है। ऐसे में महिलाएं अचानक दौड़ते हुए विधानभवन के पास पहुंचीं। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कई महिलाएं सड़क पर लेट गईं। काफी देर तक चली बहस और धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। कई महिला कार्यकर्ताओं को पुलिसकर्मी घसीटते और उठाकर गाड़ियों में बैठाते नजर आए। बाद में सभी को ईको गार्डन भेज दिया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव संजना पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील महिलाओं की भावनाओं पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां पूरी तरह विफल हो चुकी हैं। अब महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने से रोकने जैसा माहौल बनाया जा रहा है।
महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पहले ही सवालों के घेरे में है और अब ऐसी अपीलें महिलाओं के सम्मान पर चोट पहुंचा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से अपनी टिप्पणी वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।






