लखनऊ, 13 मई 2026:
यूपी में योगी सरकार हर घर जल के संकल्प को नई ऊर्जा देने के साथ अब इसे पर्यावरण संरक्षण और बिजली बचत से भी जोड़ रही है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति मॉडल तेजी से सफलता की नई कहानी लिख रहा है। यही वजह है कि आज प्रदेश के 67 हजार से अधिक गांवों में 33 हजार से ज्यादा सौर ऊर्जा संचालित ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। इनसे 2 करोड़ से अधिक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
राज्य जल जीवन मिशन के तहत शुरू की गई इन परियोजनाओं ने ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। पहले बिजली कटौती और बिजली बिलों के भुगतान में दिक्कतों के कारण कई योजनाएं प्रभावित हो जाती थीं, लेकिन अब सोलर सिस्टम के जरिए पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक राजशेखर के मुताबिक योगी सरकार ने जल योजनाओं को सौर ऊर्जा से जोड़कर लंबे समय की बड़ी आर्थिक और पर्यावरणीय बचत का रास्ता तैयार किया है।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं को 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। अनुमान है कि पारंपरिक बिजली व्यवस्था की तुलना में अगले 30 वर्षों में करीब 37 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। वहीं सौर ऊर्जा संचालित पंपिंग सिस्टम लगाए जाने से अब तक लगभग 900 मेगावाट बिजली की बचत दर्ज की जा चुकी है।
पर्यावरण के मोर्चे पर भी यह मॉडल बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। 33 हजार से अधिक परियोजनाओं में ग्रिड बिजली का इस्तेमाल कम होने से हर साल करीब 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन घटने का अनुमान है। इससे भारत के वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो’ लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
यूपी का यह मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन चुका है। केंद्र सरकार भी इस प्रयोग की सराहना कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव को इस नवाचार के लिए सम्मानित भी किया।






