एंटरटेनमेंट डेस्क, 14 मई 2026:
‘सिस्टम’ मूवी का ट्रेलर आते ही यह साफ हो गया है कि यह सिर्फ एक कोर्टरूम ड्रामा नहीं बल्कि उस व्यवस्था पर सीधा वार है जहां कानून की किताबें अक्सर ताकतवर लोगों के हिसाब से खुलती और बंद होती हैं। मूवी में लगान, स्वदेश और जोधा-अकबर जैसी फ़िल्मों का निर्देशन करने वाले आशुतोष गोविरकर सोनाक्षी सिन्हा के पिता बने हैं। दोनों एक ही केस एक दूसरे के खिलाफ कोर्टरूम में बहस करते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा साउथ फ़िल्मों की एक्ट्रेस ज्योतिका का भी मूवी में अहम किरदार है।
क्यों याद आ रही हैं पुरानी दमदार कोर्टरूम फिल्में?
पिंक’, ‘जॉली एलएलबी’, ‘सेक्शन 375’ और ‘मुल्क’ जैसी फिल्मों ने सामाजिक मुद्दों को उठाया। ‘पिंक’ मूवी ने महिला शोषण जैसे मुद्दों पर बात की, जॉली एलएलबी ने न्याय व्यवस्था की खामियों पर व्यंग्य किया तो सेक्शन 375 ने सच और कानून के फर्क को चुनौती दी थी। लेकिन ‘सिस्टम’ इन सबसे अलग इसलिए दिखती है क्योंकि यहां लड़ाई सिर्फ कोर्ट में नहीं, रिश्तों के भीतर भी चल रही है। यह फिल्म कानून की बहस से ज्यादा इंसानी चेहरों के दोहरेपन को एक्सपोज करती नजर आती है।

क्या खास है ‘सिस्टम’ में जो इसे अलग बनाता है?
ट्रेलर देखकर पता चलता है कि कहानी एक साधारण कानूनी केस से शुरू होकर सत्ता, धोखे और छिपे चेहरों की खतरनाक भूलभुलैया में बदल जाती है। सोनाक्षी सिन्हा यहां नेहा नाम की एक महत्वाकांक्षी वकील बनी हैं, जिसे अपने पिता की लॉ फर्म में पार्टनर बनने के लिए 10 केस जीतने की चुनौती दी जाती है। लेकिन यह सिर्फ करियर की लड़ाई नहीं रह जाती। मामला तब दिलचस्प हो जाता है जब कोर्टरूम में उसका सबसे बड़ा विरोधी कोई और नहीं बल्कि उसका अपना पिता बन जाता है।
फिर एंट्री होती है ज्योतिका की जिन्होंने मूवी में सारिका का किरदार निभाया जो एक ऐसी स्टेनोग्राफर जो अदालत में सिर्फ शब्द टाइप नहीं करती बल्कि सच और झूठ के बीच की महीन रेखा भी पढ़ती नजर आती है। उसका किरदार ट्रेलर का सबसे रहस्यमयी हिस्सा बनकर उभरता है।
अश्विनी अय्यर तिवारी का अलग अंदाज
फिल्म का निर्देशन अश्विनी अय्यर तिवारी ने किया है जो अपनी फिल्मों में हमेशा इमोशन और सामाजिक यथार्थ का संतुलन बनाकर चलती हैं। निल बटे सन्नाटा और बरेली की बर्फी जैसी फिल्मों के बाद अब वह पहली बार इतने डार्क और इंटेंस कोर्टरूम स्पेस में उतर रही हैं। सिस्टम 22 मई से अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी। अगर आपको कोर्टरूम ड्रामा, सस्पेंस, पावर गेम और भावनात्मक टकराव पसंद हैं, तो यह फिल्म मई की सबसे चर्चित ओटीटी रिलीज बन सकती है।




