लखनऊ, 14 मई 2026:
समाजवादी राजनीति के सबसे चर्चित परिवारों में शामिल यादव परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा जिसने हर आंख नम कर दी। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार आज लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में किया जाएगा। गुरुवार सुबह विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास से उनकी अंतिम यात्रा भारी गमगीन माहौल में निकली। फूलों से सजे शव वाहन पर प्रतीक यादव की डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई जिसे देखकर मौजूद लोग भावुक हो उठे।

अंतिम यात्रा के दौरान समर्थकों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बैकुंठ धाम में पहले से ही अंतिम संस्कार की तैयारियां कर ली गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। परिवार से जुड़े लोग सुबह से ही वहां पहुंचने लगे थे।
बुधवार देर रात का दृश्य सबसे ज्यादा मार्मिक रहा। पत्नी और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ पार्थिव शरीर के पास बैठी रहीं। असम दौरे से लौटने के बाद अपर्णा जैसे ही घर पहुंचीं, बेटियों से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक घर का माहौल पूरी तरह मातम में डूबा हुआ था।

श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला लगातार जारी रहा। गुरुवार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह बेहद दुखद क्षण है। प्रतीक यादव का असमय जाना पूरे समाज के लिए क्षति है। वहीं मंत्री ओम प्रकाश राजभर और बेबी रानी मौर्य समेत कई नेताओं ने परिवार को सांत्वना दी।
सुबह ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनों ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रतीक की मौत पर अखिलेश यादव भी बेहद भावुक नजर आए। बुधवार को श्रद्धांजलि के दौरान उनका चेहरा गहरे दुख में डूबा दिखाई दिया।
गुरुवार को प्रतीक के आवास के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लगी रही। करीब दो सौ मीटर तक समर्थकों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा। हर चेहरे पर उदासी और हर आंख में आंसू दिखाई दिए।

मालूम हो कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि वह पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे जिसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन रोक देता है।
उनके शरीर पर छह चोटों के निशान भी मिले हैं जो मौत से पहले के बताए गए हैं। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। प्रतीक यादव भले सक्रिय राजनीति से दूर रहे लेकिन अपने शांत स्वभाव और सामाजिक रिश्तों की वजह से वह परिवार और समर्थकों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।







