प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 19 मई 2026:
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर की आज प्रस्तावित स्वाभिमान जनसभा से पहले उनकी सुरक्षा में हुए बदलाव ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा स्कॉर्ट वापस लिए जाने के बाद सोमवार को उनके साथ तैनात गनर को भी हटा लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बता दें कि आज 19 मई को मलिहाबाद तहसील ग्राउंड में कौशल किशोर की स्वाभिमान जनसभा प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई थी, लेकिन गनर और स्कॉर्ट वापस होने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। खास बात यह है कि इसी दौरान कौशल किशोर और उनके बेटे विकास किशोर को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिलने की बात भी सामने आई थीं।
कौशल किशोर ने कहा कि सुरक्षा हटाए जाने से उनके इरादों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि वह गनर लेकर पैदा नहीं हुए थे और उनकी सबसे बड़ी ताकत जनता का भरोसा है। उन्होंने साफ कहा कि स्वाभिमान से समझौता किसी कीमत पर नहीं होगा और सभा तय कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद दिनेश शर्मा के अलावा भाजपा के कई सांसदों और विधायकों के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी वजह से सभा का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। कौशल किशोर ने लखनऊ पुलिस आयुक्त और मलिहाबाद के एसडीएम को पत्र भेजकर कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत करा दिया है। उनका कहना है कि सभा अपने तय समय पर होगी, चाहे उसमें 50 लोग आएं या 500।
बता दें कि इससे पूर्व मलिहाबाद में पूर्व मंत्री कौशल किशोर व विधायक जयदेवी कौशल ने मल्हिया पासी गेट को लेकर कई दिन तक प्रवास किया था। इसे भाजपा के पासी समुदाय के कई संगठन व अन्य विधायकों के साथ सांसद ने भी समर्थन दिया था। वहीं अभी अनुसूचित आयोग ने भी हरदोई में भी अर्कवंशी व पासी विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दिया था।






