अयोध्या/गोरखपुर, 20 मई 2026:
उत्तर प्रदेश के कई जिलों के दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में मोर्चा खोल दिया। इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों ने बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की। हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की ओर से किया गया।
अयोध्या में ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में लगभग 1248 थोक और फुटकर मेडिकल दुकानों को बंद रखा गया। हालांकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गईं। नर्सिंग होम व अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर खुले रहे।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवि आनंद ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री से बाजार में नकली दवाओं का खतरा बढ़ रहा है, जिससे मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। दवा कारोबारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर बंद की जाए और स्थानीय दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा की जाय। इस दौरान शरद सिंह, रूबी, आलोक कौशल, अश्वनी आदि मौजूद रहे।

गोरखपुर में दवा व्यापारियों ने अवैध ई-फार्मेसी व ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंदी का ऐलान किया है। इसी क्रम में पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा थोक मंडी भालोटिया मार्केट के व्यवसायियों ने दवा विक्रेता समिति के बैनर तले बंदी का समर्थन करते हुए भालोटिया मार्केट में स्थित दुकानों को बंद रखा। वही सरकार से ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के प्रती कड़े नियम बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर पारंपरिक मेडिकल दुकानों को होने वाले नुकसान से बचाना है। कहा कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने, ई-फार्मेसी को विनियमित करने और कॉर्पोरेट घरानों की अनुचित प्रतिस्पर्धा को रोकने की मांग की जा रही है।






