लखनऊ, 21 मई 2026:
यूपी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क सुरक्षा संबंधी उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है. सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें राज्य और देश दोनों की बड़ी क्षति हैं। उन्होंने लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा और अलीगढ़ समेत कई जिलों में हाल में हुई दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं जागरूकता की कमी, ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने और स्टंटबाजी के कारण होती हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़कों पर स्टंट, रेसिंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही हर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं होती हैं। उन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित कर वहां की समस्याओं का स्थायी समाधान तैयार किया जाए। लोकनिर्माण विभाग को समयबद्ध तरीके से ब्लैक स्पॉट खत्म करने, जरूरी साइनेज लगाने और प्रमुख चौराहों पर टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए।
सीएम योगी ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को अवैध वाहनों और अवैध स्टैंडों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी। परिवहन निगम को निर्देश दिए गए कि केवल फिटनेसयुक्त बसें ही सड़कों पर उतरें और चालक-परिचालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना फिटनेस वाले स्कूल वाहन सड़क पर नहीं चलने चाहिए। जिन वाहनों का बार-बार चालान हो रहा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सीट बेल्ट और हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चौराहों, टोल प्लाजा और व्यस्त मार्गों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 21 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत प्रदेश के 487 क्रिटिकल थानों में गठित 573 कॉरिडोर टीमों ने पिछले चार महीनों में 566 लोगों की जान बचाई है। मुख्यमंत्री ने इसे सराहनीय बताते हुए अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।






