लखनऊ, 17 दिसंबर 2025:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े आपराधिक परिवाद मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रायबरेली में चल रही इस कार्यवाही को लखनऊ स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। अब इस मामले की सुनवाई लखनऊ की विशेष अदालत में होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने याची की स्थानांतरण अर्जी पर सुनवाई के बाद पारित किया।
यह मामला भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक परिवाद से जुड़ा है। उन्होंने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर सवाल उठाए हैं। यह परिवाद रायबरेली की विशेष अदालत में विचाराधीन था। याची ने हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दाखिल कर अनुरोध किया था कि सुरक्षा कारणों और स्थानीय परिस्थितियों के चलते निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। इसलिए केस को लखनऊ की किसी विशेष अदालत में ट्रांसफर किया जाए।

याचिकाकर्ता का कहना था कि रायबरेली में सुनवाई के दौरान उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनकी जान को गंभीर खतरा है। शिशिर ने अदालत को बताया कि 3 नवंबर और 5 दिसंबर को सुनवाई के समय कथित तौर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अदालत परिसर में हंगामा किया, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। इसके अलावा 12 दिसंबर को उन पर हमले की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया। याची ने दावा किया कि इन घटनाओं के चलते वे भय के माहौल में मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया कि रायबरेली में राजनीतिक प्रभाव और स्थानीय परिस्थितियों के कारण निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई प्रभावित हो रही है। इसी आधार पर हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई थी। याची ने स्पष्ट रूप से अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि यदि केस को रायबरेली से बाहर स्थानांतरित नहीं किया गया तो उनकी सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।
न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याची की सुरक्षा संबंधी आशंकाओं और निष्पक्ष सुनवाई की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए केस को रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर करने का आदेश दे दिया।
इस आदेश के बाद अब राहुल गांधी की कथित नागरिकता से जुड़ा यह आपराधिक परिवाद लखनऊ की विशेष अदालत में सुना जाएगा। कोर्ट के इस फैसले को सुरक्षा और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






