लखनऊ, 25 मई 2026:
यूपी को आयुष और वेलनेस सेक्टर का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में सीएम योगी ने बड़ा विजन सामने रखा है। आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026 को तेजी से लागू करने के निर्देश देते हुए साफ कहा कि यूपी केवल उपचार आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश अब योग, आयुर्वेद, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के जरिए वैश्विक पहचान बनाएगा।
सीएम ने कहा कि प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ जोड़कर ऐसा मॉडल तैयार किया जाए जो स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार और निवेश का भी बड़ा माध्यम बने। उन्होंने विशेष रूप से वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आयुष आधारित स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाए।
प्रदेश में संचालित आयुष सेवाओं की बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यूपी में 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयां, 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 225 योग वेलनेस सेंटर और 19 आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और मानकीकृत स्वरूप में विकसित किया जाए।
सरकार अब पीपीपी मॉडल के जरिए आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर, 100 बेड वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण संस्थान और आयुष कॉलेजों के उन्नयन की दिशा में चरणबद्ध कार्रवाई करेगी। प्रस्तावित नीति के तहत पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ सेवाएं, रिसर्च और इनोवेशन गतिविधियों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष आधारित वेलनेस इकोनॉमी को गति देने के लिए निजी निवेश बेहद जरूरी है। इसके लिए निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए त्वरित मंजूरी देने और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। नीति में निवेश आधारित सब्सिडी, ब्याज अनुदान, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और रोजगार सृजन आधारित प्रोत्साहन जैसे कई आकर्षक प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।
इसके साथ ही मिर्जापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडलों में नए एकीकृत आयुष महाविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष यूनिवर्सिटी को आयुष चिकित्सा, शोध और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनाने पर भी जोर दिया।






