विकास गोंड
वाराणसी, 25 मई 2026ः
दो जून तक चलने वाले नौतपा के पहले दिन बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में विशेष धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। भगवान विश्वेश्वर का विविध फलों के रस से विशेष अभिषेक किया गया। वहीं, विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
बाबा विश्वनाथ का अभिषेक गुलाब, लीची और आम के रस से विधि-विधान के साथ किया गया। इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ बाबा का दर्शन-पूजन किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, नौतपा के पूरे नौ दिनों तक प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के फलों के रस से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया जाएगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस विशेष अनुष्ठान का उद्देश्य भगवान विश्वनाथ को शीतलता अर्पित करने के साथ-साथ समस्त श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति व शीतलता की अनुभूति कराना है।
धाम परिसर और दर्शन कतार मार्ग में श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं भी की गई हैं। विभिन्न स्थानों पर जर्मन हैंगर और कैनोपी लगाए गए हैं। वहीं, श्रद्धालुओं को शीतल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मिस्ट फैन भी स्थापित किए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने छोटे बच्चों और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बच्चों के लिए बिस्किट वितरण की व्यवस्था की है।
भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए धाम परिसर में ओआरएस, ग्लूकोज और गुड़ की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को स्वच्छ व ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 19 स्थानों पर वाटर कूलर और 10 जगहों पर पोर्टेबल वाटर काउंटर लगाए गए हैं। कतार में खड़े श्रद्धालुओं को गर्म फर्श से राहत देने के लिए जूट मैट बिछाए गए हैं।
मंदिर न्यास की ओर से संपूर्ण धाम क्षेत्र में साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सफाई कर्मियों की तैनाती कर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके। मंदिर न्यास ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि दर्शन के दौरान प्रशासन और मंदिर कर्मियों के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नौतपा के दौरान सूर्य की तपिश अत्यधिक बढ़ जाती है, ऐसे में भगवान को शीतल पदार्थ अर्पित करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इसी परंपरा के निर्वहन के तहत बाबा विश्वनाथ को फलों के रस, सुगंधित द्रव्यों व शीतल सामग्री से अभिषेक किया जा रहा है।






