लखनऊ, 20 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-11 में 250 एकड़ भूमि पर “फिनटेक पार्क” विकसित करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह परियोजना प्रदेश को देश का प्रमुख फिनटेक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह पार्क केवल आईटी पार्क नहीं बल्कि बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, इंश्योरटेक, इन्वेस्टटेक और ब्लॉकचेन जैसी वित्तीय तकनीकों का संपूर्ण इकोसिस्टम पेश करेगा।
वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करेगा स्थान
फिनटेक पार्क की सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन है। यह यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अत्यंत निकट स्थित है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और ग्लोबल फिनटेक कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बन जाएगा। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी कंपनियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिचालन में सुविधा प्रदान करेगी।
डीपीआर और निवेश रोडमैप तैयार
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी एजेंसी इसे तैयार करेगी, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश मॉडल, रोजगार क्षमता और चरणबद्ध विकास की रूपरेखा शामिल होगी। डीपीआर पूरी होने के बाद निवेशकों के लिए प्लॉट आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं का रोडमैप सार्वजनिक किया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार सृजन
फिनटेक पार्क के माध्यम से बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डिजिटल पेमेंट, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ग्लोबल काम करने के लिए सक्षम बनाना है, ताकि युवा दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करें।
हाई एंड सेक्टर में प्रदेश की बढ़ती पहचान
योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित न रखना है। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अब फिनटेक जैसे उच्च मूल्य वाले सेक्टर में प्रदेश अग्रणी बनेगा। सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क न केवल निवेश बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के डिजिटल फाइनेंस मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने में भी सहायक होगा।






