लखनऊ, 19 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से ‘यूपी दिवस-2026’ के अवसर पर 24 जनवरी को नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाट में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी प्रस्तावित है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों, 18 से 20 देशों के भारत में पदस्थ राजनयिकों, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा उत्तर प्रदेश के गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाट को ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। इससे राजधानी में मौजूद लोग प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विकास यात्रा को नजदीक से महसूस कर सकेंगे।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान उत्तर प्रदेश की विविध लोक नृत्य शैलियों और पारंपरिक कलाओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी। इसके साथ ही प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक कला और विभिन्न अंचलों के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों की झलक भी दर्शकों को देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में उन प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा जो देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हुए शिक्षा, उद्योग, प्रशासन, संस्कृति और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि जिन देशों में उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं ऐसे चयनित 18-20 देशों के भारत में पदस्थ राजनयिकों को इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश की पहचान वैश्विक मंच पर और सशक्त होगी।
यूपी सरकार ‘यूपी दिवस-2026’ को केवल प्रदेश तक सीमित न रखते हुए वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, सेशेल्स सहित लगभग 12 देशों में पदस्थ भारतीय राजनयिकों को पत्र भेजकर वहां भी यूपी दिवस को उत्सव के रूप में मनाने का आग्रह किया गया है।
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य विदेश में बसे प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों के मन में अपने प्रदेश के प्रति गर्व, आत्मसम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को और अधिक मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) और ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।
इसके साथ ही लखनऊ को यूनेस्को के ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ नेटवर्क के अंतर्गत मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और पारंपरिक खानपान को विश्व पटल पर नई पहचान मिलेगी।






