Lucknow City

आशियाना में आकार ले रहा ‘मैजिकल फैंटसी वर्ल्ड’… ड्रैगन व पंचतंत्र किरदारों से सजेगा नया थीम पार्क

जुरासिक पार्क की तर्ज पर वनस्थली पार्क में चल रहा काम, रोबोटिक मॉडल, फाउंटेन और वॉच टॉवर होंगे खास आकर्षण, नवरात्रि तक लोगों के लिए खोलने की तैयारी

लखनऊ, 27 फरवरी 2026:

राजधानी के आशियाना इलाके में स्थित वनस्थली पार्क जल्द ही नए अंदाज में नजर आएगा। इसे मैजिकल लैंड फैंटसी पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए कल्पनाओं की दुनिया तैयार की जा रही है। यहां जुरासिक पार्क की तर्ज पर ड्रैगन, यूनीकॉर्न, साइक्लोप्स और ऐरावत जैसे इंटरैक्टिव रोबोटिक मॉडल लगाए जाएंगे। साथ ही पंचतंत्र की कहानियों और किरदारों को भी खास तरीके से पेश किया जाएगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) शहर में पहली बार ऐसा थीम पार्क तैयार कर रहा है जहां मनोरंजन, पौराणिक कथाएं और आधुनिक तकनीक एक साथ नजर आएंगी। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरुवार को पार्क का निरीक्षण कर काम की प्रगति देखी और सितंबर 2026 तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के मौके पर इस थीम पार्क को आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है।

एलडीए के अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा के अनुसार आशियाना के सेक्टर-के स्थित इस पार्क को पीपीपी मॉडल पर करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। खास बात यह है कि पार्क में कई मॉडल बेकार पड़ी सामग्री से तैयार किए जाएंगे।

यहां मरमेड, फीनिक्स, जिनी, ग्रिफिन, वेयर वूल्फ और मोगली समेत 12 लाइव मॉडल और स्कल्पचर लगाए जाएंगे, जबकि 10 रोबोटिक मॉडल अलग से आकर्षण का केंद्र होंगे। पार्क में बड़ी वॉटर बॉडी तैयार की जा रही है, जिसमें आकर्षक फाउंटेन लगाया जाएगा। इसके अलावा वॉच टॉवर और टॉयलेट ब्लॉक जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि परिवारों को बेहतर अनुभव मिल सके।

इसी दौरान उपाध्यक्ष ने ज्योतिबा फुले जोनल पार्क का भी निरीक्षण किया। यहां करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। नई वॉटर बॉडी में डांसिंग फाउंटेन, बॉल फाउंटेन, रिंग फाउंटेन और पीकॉक फाउंटेन लगाए जाएंगे। जॉगिंग ट्रैक के पास 25 साउंड स्पीकर और थीम आधारित लाइटिंग भी लगाई जाएगी। सभी काम अप्रैल 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

कानपुर रोड योजना के गौतम बुद्ध पार्क-1 में निरीक्षण के दौरान काम की रफ्तार धीमी मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। साथ ही चेतावनी दी गई कि एक महीने में काम में सुधार नहीं हुआ तो ठेका रद्द किया जा सकता है।

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