लखनऊ, 26 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक हुसैनाबाद इलाके में बनकर तैयार हुआ लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट अब अवध की सांस्कृतिक विरासत का नया चेहरा बनेगा। एक मार्च को लोकार्पण के बाद यह संग्रहालय आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित इस म्यूजियम को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 41.43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराया है।
यह इमारत प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग होगी जिसमें 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर बिना किसी कॉलम या पिलर के निर्मित किया गया है। आकर्षक और आधुनिक डिजाइन इसे दूर से ही अलग पहचान देती है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने संग्रहालय का निरीक्षण कर संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। यहां ‘मूल धारा’, ‘हुनर का सफर’, ‘हस्तशिल्प’, ‘सांझी आस्था’, ‘गंगा-जमुनी तहजीब’, ‘कारीगरी’, ‘महफिल-ए-अवध’, ‘नृत्यकला’, ‘नाट्यशाला’, ‘सोच एवं संवाद’ और ‘जायका-ए-अवध’ जैसी थीम आधारित गैलरियां दर्शकों को अवध की रंगीन दुनिया से रू-ब-रू कराएंगी। खास आकर्षण के रूप में वीआर गेमिंग एरीना बनाया गया है जहां तकनीक के जरिए इतिहास से जुड़ने का अनोखा अनुभव मिलेगा।
प्रथमेश कुमार के मुताबिक शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला और शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।






