लखनऊ, 18 जनवरी 2026:
चंद्रमा ने आज सुबह 4:39 बजे मकर राशि में प्रवेश किया। वहीं, सूर्य पहले से ही मकर राशि में हैं। इस दिन का विशेष महत्व मौनी अमावस्या के रूप में है। सूर्य और चंद्रमा के इस अद्भुत मिलन से ब्रह्मांडीय ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो स्नान, दान और ध्यान के माध्यम से मानव जीवन में कल्याण लाने का अवसर प्रदान करता है।
पंचग्रहीय योग का निर्माण
आज मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के साथ चंद्रमा का मिलन होने से पंचग्रहीय योग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से भाग्य में सकारात्मक बदलाव और सफलता के अवसर खुल सकते हैं। आज का दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 10:15 बजे तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। मौनी अमावस्या आज रात 1:18 बजे तक रहेगी।

सूर्य और शनि का अद्भुत प्रभाव
सूर्य ग्रह आत्मा और प्रकाश के कारक हैं, जबकि शनि न्याय और अंधकार के प्रतीक हैं। पिता-पुत्र होने के बावजूद सूर्य और शनि ज्योतिष में विरोधी माने जाते हैं। शनि को छाया दान देने से इसके प्रभाव कम किए जा सकते हैं। आज सूर्य और शनि के मिलन से उत्पन्न होने वाली विरोधी ऊर्जा का प्रभाव सम्पूर्ण जगत पर देखा जा सकता है।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या का महत्व
तीर्थराज प्रयागराज को अक्षय क्षेत्र माना जाता है। आज मौनी अमावस्या के अवसर पर यहां का संगम विशेष महत्व रखता है। जल, वायु और वातावरण की दिव्यता का अनुभव श्रद्धालु आज देख सकते हैं। माघ मेले के दौरान आज करोड़ों लोग स्नान, दान और पुण्य कर्म के लिए प्रयागराज पहुंचते हैं।
पुण्य कर्म और शुभ ऊर्जा का अवसर
आज पंचग्रहीय योग और सूर्य-चंद्रमा के मिलन से जीवन में सकारात्मक बदलाव की संभावना बनती है। श्रद्धालु आज स्नान, दान और ध्यान के माध्यम से अपने भाग्य को मजबूत कर सकते हैं। यह अवसर आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का उत्तम समय माना जाता है।





