लखनऊ/नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026:
संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बजट को आम जनता के खिलाफ बताते हुए इसे निराशाजनक और निंदनीय करार दिया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम।
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने पहले ही आगाह किया था कि असली सवाल यह नहीं है कि शेयर बाजार रविवार को खुलेगा या नहीं, बल्कि यह है कि वह और कितना गिरेगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार से ही कोई उम्मीद नहीं है तो उसके बजट से भी क्या उम्मीद की जा सकती है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा का हर बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के लिए होता है इसलिए वे इसे 1/20 का बजट मानते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं बल्कि कमीशन और अपने लोगों को सेट करने के लिए बनाया गया है। अखिलेश यादव ने इसे भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता बही बताते हुए कहा कि बजट में न तो आम आदमी का जिक्र है और न ही उसकी चिंता। बढ़ती महंगाई के बावजूद टैक्स में कोई राहत न देना उन्होंने ‘टैक्स-शोषण’ करार दिया।
सपा प्रमुख ने कहा कि अमीरों के व्यापार, निवेश और पर्यटन से जुड़े कार्यों पर कई तरह की छूट दी गई हैं लेकिन बेरोजगारी और बेकारी से जूझ रहे युवाओं के हिस्से सिर्फ निराशा आई है। मध्यम वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है जबकि गरीब, शोषित और वंचित वर्ग की स्थिति और बदतर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सुरक्षा केवल शब्दों तक सीमित रह गई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसान, मजदूर, श्रमिक, छोटे व्यापारी और दुकानदार बजट में अपने लिए किसी ठोस राहत को दूरबीन से भी नहीं खोज पा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा है।






