लखनऊ, 25 नवंबर 2025:
यूपी के सभी जिलों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) चल रहा है। इस अभियान के तहत हर पात्र मतदाता को एक विशेष SIR फॉर्म भरकर निर्धारित समय में जमा करना है। समय पर फॉर्म जमा न करने पर नाम मतदाता सूची से कट भी सकता है। इसलिए यह प्रक्रिया पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
हालांकि सबसे बड़ा भ्रम यह है कि क्या 2003 की मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है? निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है। यदि आपका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है तो भी आप आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने इस बार प्रक्रिया को बेहद सरल किया है। यदि आपका नाम 2003 की सूची में नहीं था लेकिन माता-पिता, दादा-दादी या अन्य परिजनों का नाम सूची में मौजूद है तो आप उनके बूथ नंबर, विधानसभा क्षेत्र और क्रमांक का विवरण SIR फॉर्म में भरकर अपना नाम जोड़ सकते हैं। यदि यह विवरण उपलब्ध न है तो मौजूदा वोटर आईडी के आधार पर भी फॉर्म भरा जा सकता है।
अब तक आपके घर नहीं पहुंचे बीएलओ तो यहां करें संपर्क
प्रशासन ने बीएलओ को घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित करने और भरवाने के निर्देश दिए हैं। यदि बीएलओ अब तक आपके घर नहीं पहुंचे हैं तो पास के मतदाता पंजीकरण केंद्र पहुंचकर संबंधित अधिकारी से फॉर्म लेकर उसे भरें और जमा करें।
SIR फॉर्म 4 दिसंबर तक भरा जा सकता है। जो लोग 2003 की मतदाता सूची देखना चाहते हैं, वे आसानी से चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर इसे देख सकते हैं। सूची ऑनलाइन उपलब्ध है।
महत्त्वपूर्ण : इसके लिए केवल आधार मान्य नहीं
नाम जुड़ने के बाद 9 दिसंबर को जब मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो जिनका नाम पहली बार जुड़ेगा या जिनका सत्यापन लंबित है, उन्हें नोटिस प्राप्त होगा और उसके बाद एक मान्य प्रमाणपत्र जमा करना होगा। इसके लिए आधार कार्ड पर्याप्त नहीं है। मांगे गए प्रमाणपत्रों में से कोई एक देना अनिवार्य है।






