लखनऊ, 12 जनवरी 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में प्रदेश की AI टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विकास की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। सीएम ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ को अब AI सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई मिलेगी।
राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित एक निजी होटल में दो दिन तक अलग अलग सत्रों में चलने वाले आयोजन में देश भर से विशेषज्ञ जुटे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को एआई से जोड़ने पर खास जोर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कर सीएम योगी ने कहा कि AI हमारे कामों को आसान बनाने में मदद करेगा, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम उसका सही उपयोग करें, न कि वह हमारे कार्यों पर हावी हो जाए। AI हमारे लिए एक सुविधा है जो हमारे कामों को और आसान बनाएगा। हमें इसे सही दिशा में इस्तेमाल करना चाहिए ताकि यह हमारे लिए लाभकारी साबित हो।

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में न केवल स्वास्थ्य बल्कि कृषि क्षेत्र में भी AI का उपयोग किया जा रहा है, जिससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव आ रहा है बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है। 2017 में जब उनकी सरकार बनी, तब सबसे बड़ी समस्या राशन की चोरी की थी। उन्होंने कहा, हमने डिजिटल राशन कार्ड की शुरुआत की, जिससे 30 लाख फर्जी राशनकार्ड सामने आए और अब जरूरतमंदों तक राशन पहुंच रहा है। सरकार ने वृद्धा पेंशन और अन्य पेंशन योजनाओं को डिजिटल ट्रांजैक्शन के माध्यम से सुनिश्चित किया है, जिससे लाभार्थियों तक समय पर मदद पहुंच रही है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कई समस्याएं थीं, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 81 हो गए हैं। कोविड महामारी के दौरान ICU बेड्स की संख्या बढ़ाई गई और ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। हमारे पास तकनीक न होती तो इन्फ्रास्ट्रक्चर से जो मौतें हुआ करती थीं तो हम इनको रोक ना पाते। प्रदेश के अंदर बड़े बदलाव हुए हैं। मेरा मानना है कि AI का इस्तेमाल हम सबको बेहतर कार्यों में करना चाहिए।

आज स्वास्थ सेवाओं में इसका इस्तेमाल करना शुरू कर रहे हैं, यह बड़ी बात है। बेहतर एजुकेशन में हम इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर हम बेहतरीन AI टूल का इस्तेमाल करके डेटा को सुरक्षित करें तो हम बहुत तेजी से आगे काम कर सकेंगे। यह डबल इंजन सरकार तेजी से बढ़ रही है
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उत्तर प्रदेश को AI के क्षेत्र में सबसे अग्रणी बताते हुए कहा, दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में AI इम्पैक्ट समिट हो रहा है। यूपी का ग्रोथ इंजन तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत AI टेक्नोलॉजी में एक नया मुकाम हासिल कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार साइबर ठगों से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है, और गलत खबरों को फैलाने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। जब तक AI टेक्नोलॉजी का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक नहीं पहुंचता, तब तक हम अपनी सफलता का दावा नहीं कर सकते।
जितिन प्रसाद ने कहा कि बिहार चुनाव और अन्य प्रदेशों में जिस तरह का रिजल्ट जनता दे रही है इससे यह साफ पता चलता है कि जनता विकास चाहती है। टेक्नोलॉजी इम्पैक्ट समिट अगले महीने होने जा रहा है। यह हमारे देश के लिए गर्व की बात है। विश्व में भारत का डंका बज रहा है। AI टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने के लिए हम तमाम कार्य कर रहे हैं। भारत AI टेक्नोलॉजी का हब बनने के रास्ते पर तेजी से बढ़ रहा है। जब तक ग्रामीण जनता को AI टेक्नोलॉजी का लाभ न मिले तब तक हम अपने काम की कामयाबी नहीं मानते।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हो रहा है, और AI के उपयोग से इन सेवाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में AI और टेक्नोलॉजी का उपयोग तेजी से हो रहा है, जिससे हम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को और सुलभ बना रहे हैं। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज खोले हैं और आयुष्मान कार्ड बनाने में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अल्ट्रासाउंड की सेवाएं भी सस्ती हो गई हैं और सरकार इसके खर्च का बोझ उठा रही है।

समिट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ऑनलाइन जुड़े रहे। AI आधारित स्वास्थ्य नवाचारों पर चर्चा समिट में अन्य विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स ने भी AI आधारित स्वास्थ्य नवाचारों पर चर्चा की। सम्मेलन में यह चर्चा की गई कि किस तरह से AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल स्वास्थ्य सुविधाओं को हर एक तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।






