रायबरेली, 12 फरवरी 2026:
एम्स रायबरेली में पहला दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस मौके पर उन्होंने नई मेडिकल सुविधाओं का उद्घाटन किया और एमबीबीएस व पीजी रेजिडेंट्स को डिग्रियां प्रदान कीं।
समारोह के दौरान पीएसीएस, फॉरेंसिक रेडियोलॉजी, वीडियो यूरोडायनामिक्स और एंडोस्कोपी यूनिट का उद्घाटन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक रेडियोलॉजी यूनिट से डिजिटल रिपोर्टिंग तेज होगी और जांच ज्यादा सटीक हो सकेगी। वहीं वीडियो यूरोडायनामिक्स तकनीक बच्चों में मूत्र से जुड़ी जटिल बीमारियों की सही पहचान में मदद करेगी। वहीं नई एंडोस्कोपी यूनिट से बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को सुरक्षित और जल्दी जांच की सुविधा मिलेगी।

समारोह में वर्ष 2019-20 बैच के 48 एमबीबीएस छात्रों और जनवरी 2023 बैच के 25 पीजी रेजिडेंट्स को औपचारिक रूप से डिग्रियां दी गईं। एमबीबीएस में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर डॉ. हर्ष कुशवाहा को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ भारत के बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने एम्स रायबरेली की तारीफ करते हुए कहा कि संस्थान सरकारी योजनाओं को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू कर रहा है और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में भी अच्छा काम कर रहा है।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. आर. वी. रमणी ने सभी उत्तीर्ण छात्रों को चरक शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से निर्भीक होकर मानवता की सेवा करने का आह्वान किया और उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख दी। कार्यकारी निदेशिका डॉ. अमिता जैन ने बताया कि एम्स रायबरेली डिजिटल हेल्थ सेवाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 2 लाख से ज्यादा ई संजीवनी टेली परामर्श और 1 लाख से अधिक आभा पंजीकरण किए जा चुके हैं।






