लखनऊ, 8 फरवरी 2026:
सपा मुखिया एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। रविवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष खासकर पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के वोट काटने के लिए सुनियोजित साजिश रची जा रही है। अखिलेश ने इस कथित षड्यंत्र का खुलासा करने वाले नंदलाल को लोकतंत्र बचाने वाला बहादुर बताते हुए सम्मानित किया और उनके लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
अखिलेश यादव का दावा है कि नंदलाल से जबरन हस्ताक्षर कराकर फॉर्म-7 के सैकड़ों फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए जबकि नंदलाल दस्तखत नहीं करते, बल्कि अंगूठा लगाते हैं। उन्होंने इसे भाजपा की चंडीगढ़ी-चाल बताते हुए कहा कि कैमरे के सामने जिस तरह से वोट खारिज करने की रणनीति अपनाई जा सकती है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पर्दे के पीछे कितनी बड़ी गड़बड़ियां की जा रही होंगी। सपा प्रमुख ने कहा कि नंदलाल अपने घर पर मंदिर का निर्माण करा रहे हैं और समाजवादी लोग उनके मंदिर निर्माण में भी सहयोग करेंगे।
उन्होंने पार्टी के पूर्व विधायक अरुण वर्मा समेत पीडीए प्रहरियों की भूमिका की सराहना की और उन्हें लोकतंत्र सेनानी करार दिया। प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश ने भाजपा पर देश और जनता को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के खुलासों से भाजपा और उसके समर्थकों की छवि समाज में नकारात्मक हो गई है। उन्होंने दावा किया कि अब भाजपा से जुड़े लोगों को सार्वजनिक तौर पर असहजता और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश के मुताबिक भाजपा में जो कुछ अच्छे लोग बचे हैं, वे भी कथित काली करतूतों से आहत होकर पार्टी से दूर हो रहे हैं। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल के संदर्भ में भी भाजपा पर आरोप लगाए। अखिलेश ने कहा कि SIR के जरिए बिहार चुनाव में धांधली की गई और बंगाल में भी इसी तरह की कोशिशें हो रही हैं। पश्चिम बंगाल में कथित काली करतूतों के विरोध में काला कोट पहनने की मजबूरी का भी जिक्र किया।






