लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत गरमाती जा रही है। गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कानपुर के चर्चित किडनी कांड को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे रैकेट में भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री हालात से बेखबर हैं।
सपा अध्यक्ष ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा की रैली फ्लॉप दिख रही है लेकिन अपने ही विभाग की स्थिति देखने की फुर्सत नहीं है। उन्होंने व्यंग्य में कहा कि कम से कम अपनी आंखों की जांच तो डॉक्टर से करा लें।
अखिलेश ने दावा किया कि दादरी रैली में मिले भारी जनसमर्थन से भाजपा घबरा गई है। उसके नेताओं की भाषा बदल गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनाकर सामाजिक न्याय की स्थापना की जाएगी और प्रदेश के बुरे दिन खत्म होंगे।
फेक करेंसी के मुद्दे पर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने देवरिया और गोरखपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश में गोरखधंधा चल रहा है। नकली नोट देश में आ रहे हैं और असली नोट बाहर जा रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम में चल रहे चुनावों को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि आयोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। अधिकारियों के तबादलों में पक्षपात हो रहा है।
आईएएस अफसर रिंकू सिंह राही के इस्तीफे का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार को चरम पर बताया। साथ ही सिलेंडर संकट और किसानों की समस्याओं को लेकर भी भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अखिलेश यादव ने कहा कि अब जनता सच्चाई समझ चुकी है और आगामी चुनाव में बदलाव तय है।






