लखनऊ, 22 नवंबर 2025:
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने SIR (विशेष निर्वाचन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसके लिए समय बढ़ाने की मांग की।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता और मुद्दों पर कमजोर पड़ती दिख रही है, इसलिए अब चुनावी बढ़त पाने के लिए SIR को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना था कि जब बीजेपी को जमीन पर हार का संकेत मिलता है, तब वह मतदाता सूची में गड़बड़ी कराकर लाभ लेने की कोशिश करती है। उन्होंने एसाईआर को स्पेशल इंटेसिव रिवीजन की संज्ञा दी।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश की हर विधानसभा में लगभग 50 हजार वोट हटाने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि BLO घर-घर जाकर सत्यापन नहीं कर रहे हैं और बिना किसी प्रशिक्षण के उनसे काम लिया जा रहा है। उन्होंने कहा शादी-ब्याह और खेती के मौसम में SIR कराना ही गलत है। यह जानबूझकर ऐसा समय चुना गया है ताकि लोग सूची सुधार में हिस्सा ही न ले सकें।
अखिलेश ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईसी और बीजेपी दोनों का फोकस पश्चिम बंगाल सहित उन क्षेत्रों पर है, जहां विपक्ष मजबूत है। 2024 में जिन विधानसभाओं में सपा ने सफलता हासिल की थी, वहां मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
उन्होंने कन्नौज के एसडीएम के कथित वायरल ऑडियो का भी जिक्र किया और कहा कि चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेते हुए एक स्पष्ट SOP जारी करनी चाहिए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बिहार में राजद और अन्य विपक्षी दलों से जुड़े लोगों के करीब 60 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। उनका कहना था कि इसी पैटर्न को अब यूपी में लागू किया जा रहा है।






