
अमित मिश्रा
प्रयागराज, 21 मार्च 2025:
इलाहाबाद बार एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश के इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरण के फैसले का पुरजोर विरोध किया है। यह कदम न्यायपालिका की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाला बताया जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश के आवास पर हाल ही में लगी आग की घटना के बाद अग्निशमन दल आग बुझाने आया जिसमे पुलिस फ़ोर्स की मौजूदगी में बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई। इसके बाद न्यायाधीश पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। मामले की जांच के बजाय, कॉलेजियम ने त्वरित निर्णय लेते हुए उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिया।
बार एसोसिएशन का रुख
इलाहाबाद बार एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया के मानकों के विपरीत है। उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच जज को इलाहाबाद भेजना, न्याय प्रणाली को प्रयोगशाला बनाने जैसा है। यदि कॉलेजियम को उनकी निर्दोष होने पर भरोसा है, तो पहले जांच पूरी होनी चाहिए थी। इस कदम से हाईकोर्ट की विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है।”
आगे की कार्रवाई
बार एसोसिएशन 24 मार्च को दोपहर 1 बजे जनरल हाउस बैठक आयोजित कर रही है, जिसमें सभी अधिवक्ताओं से इस मुद्दे पर रणनीति बनाने का आग्रह किया गया है। यदि सदस्य सहमत हुए, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन की योजना है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि “किसी भी सूरत में आरोपी जज को इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”






