यूपी में न्यायिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल, 36 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
Allahabad High Court Transfer List 2026 : जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से लेकर विशेष अदालतों और न्यायाधिकरणों में तैनात अधिकारियों तक के कार्यक्षेत्र बदले, विशेष न्यायालयों की जिम्मेदारियों में भी किया गया बदलाव

प्रयागराज, 16 अक्टूबर 2026:
यूपी के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में न्यायिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। कुल 36 अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इनमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालयों के प्रधान न्यायाधीश तथा वाणिज्यिक न्यायालयों और विभिन्न न्यायाधिकरणों में कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मंजीत सिंह श्योराण की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित निर्देशों के अनुसार नए पदों का कार्यभार ग्रहण करना होगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की नई तैनाती
जिला न्यायपालिका में किए गए बदलावों के तहत प्रतापगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी अब डॉ. बब्बू सारंग संभालेंगे, जो इससे पहले फिरोजाबाद में तैनात थे। प्रतापगढ़ के मौजूदा जिला जज राजीव कमल पांडेय को मुजफ्फरनगर भेजा गया है। वहीं, मनोज कुमार तृतीय बागपत से फिरोजाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाए गए हैं।
मुरादाबाद और रायबरेली में भी जिला जज बदले गए हैं। मुरादाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैयद मऊज बिन आसिम को रायबरेली भेजा गया है, जबकि रायबरेली के जिला जज अमित पाल सिंह को मुरादाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहारनपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार को उन्नाव स्थानांतरित किया गया है। हमीरपुर के जिला जज मनोज कुमार राय अब सहारनपुर में कार्यभार संभालेंगे।
भिनगा स्थित श्रावस्ती के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद को भदोही के ज्ञानपुर में तैनात किया गया है। वहीं, लखनऊ स्थित वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण के अध्यक्ष रमेश चंद प्रथम अब श्रावस्ती के भिनगा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश होंगे। शामली के कैराना में तैनात जिला जज इंदर प्रीत सिंह जोश को बागपत भेजा गया है, जबकि पीलीभीत के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राम कुशल को कैराना में जिला जज बनाया गया है।
चित्रकूट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष मणि को प्रयागराज भेजा गया है। गोंडा के प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश सुनील कुमार पंचम अब चित्रकूट के जिला जज होंगे। कानपुर नगर के प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश रोहित सिन्हा को महोबा का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। औरैया के प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी को चंदौली में नई जिम्मेदारी दी गई है।

लखीमपुर खीरी में भी जिला जज बदले गए हैं। अमरोहा के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी लोकेश राय को लखीमपुर खीरी का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। लखीमपुर खीरी के मौजूदा जिला जज शिव कुमार सिंह को लखनऊ प्रशासनिक अधिकरण-तृतीय का अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकरण-प्रथम का सदस्य नियुक्त किया गया है।
गोरखपुर के वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राम प्यारे को हमीरपुर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं, बुलंदशहर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार तृतीय को ललितपुर में जिला जज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वाणिज्यिक न्यायालय और न्यायाधिकरणों में बदलाव
वाणिज्यिक न्यायालयों तथा न्यायाधिकरणों में भी नई तैनातियां की गई हैं। गौतमबुद्धनगर के वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी रविंद्र नाथ दुबे को लखनऊ स्थित वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। हापुड़ के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी गुरप्रीत सिंह बावा अब गौतमबुद्धनगर के वाणिज्यिक न्यायालय में पीठासीन अधिकारी होंगे।

पीलीभीत के प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश संजीव कुमार सिन्हा को गोरखपुर के वाणिज्यिक न्यायालय का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन बदलावों के साथ न्यायाधिकरणों और वाणिज्यिक अदालतों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्निर्धारण किया गया है।
उन्नाव में विशेष न्यायाधीशों की जिम्मेदारी बदली
उन्नाव में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा विशेष न्यायाधीशों के कार्यक्षेत्र में भी फेरबदल हुआ है। मुजफ्फरनगर के अपर प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश दिनेश प्रताप सिंह को वहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। गाजियाबाद के अपर प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश नीतीश कुमार राय को उन्नाव में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
उन्नाव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 14 के तहत आने वाले मुकदमों की सुनवाई के लिए कविता मिश्रा को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। वह अंकिता शुक्ला की जगह जिम्मेदारी संभालेंगी। अंकिता शुक्ला को विशेष न्यायाधीश के पद से हटाकर उन्नाव में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में तैनात किया गया है।
इसी जिले में प्रेम प्रकाश को राम राज द्वितीय के स्थान पर विशेष न्यायाधीश एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उन्हें आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1981 की धारा 12-ए के तहत मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी भी दी गई है। राम राज द्वितीय अब उन्नाव में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे।
मेरठ की विशेष अदालतों में नई तैनाती
मेरठ में भ्रष्टाचार और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई करने वाली अदालतों में भी बदलाव किए गए हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा को भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। वह सतर्कता विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस पद पर वह रितिश सचदेवा का स्थान लेंगी। रितिश सचदेवा को मेरठ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार प्रथम को चंद्रशेखर मिश्रा के स्थान पर मेरठ का विशेष न्यायाधीश एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उन्हें आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1981 की धारा 12-ए के तहत मामलों की सुनवाई का दायित्व भी सौंपा गया है। चंद्रशेखर मिश्रा अब मेरठ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे।
मेरठ में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 14 के मुकदमों की सुनवाई के लिए मोहम्मद असलम सिद्दीकी को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। वह अमित वीर सिंह की जगह कार्यभार संभालेंगे। अमित वीर सिंह को मेरठ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात किया गया है।

इसके अलावा मेरठ के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार पंचम को श्रावस्ती के भिनगा में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। भिनगा में पहले से तैनात अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवनीश गौतम को वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 14 के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
हाईकोर्ट की अधिसूचना में संबंधित अधिकारियों को वर्तमान पद का कार्यभार सौंपकर नई तैनाती वाले पद पर तत्काल अथवा निर्धारित निर्देशों के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। अधिकारियों को कार्यभार सौंपने और ग्रहण करने से संबंधित प्रमाणपत्र हाईकोर्ट के सेवा अनुभाग को भेजने होंगे।






