लखनऊ, 29 मार्च 2026:
यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना बेटियों के सपनों को पंख देने वाली मजबूत पहल बन चुकी है। इसका ताजा उदाहरण अमेठी जिले में देखने को मिला जहां 23 छात्राओं को स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने के बाद योजना की अंतिम किश्त जारी की गई। इस आर्थिक सहयोग ने उनकी पढ़ाई को नई गति देने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान की है।
इन छात्राओं के लिए यह सहायता केवल पैसों तक सीमित नहीं है बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है। पहले कई परिवार आर्थिक तंगी के चलते बेटियों की पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते थे लेकिन अब इस योजना ने उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया है। आज वही बेटियां उच्च शिक्षा हासिल कर अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं को जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक 6 चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वर्ष 2024-25 में इस राशि को बढ़ाकर 25,000 कर दिया गया है। यह सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस व्यवस्था ने पारदर्शिता के साथ-साथ भरोसे को भी मजबूत किया है।
अमेठी की इन 23 छात्राओं की सफलता यह साबित करती है कि सही समय पर मिला सहयोग किस तरह जिंदगी की दिशा बदल सकता है। अब ये छात्राएं अपने करियर को लेकर अधिक जागरूक होने के साथ आत्मनिर्भर बनने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं। परिवारों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी वहीं अब उन्हें आगे बढ़ाने के लिए परिवार खुद प्रोत्साहित कर रहे हैं।
सीएम योगी के नेतृत्व में संचालित यह योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत कर रही है।






