बाराबंकी, 1 फरवरी 2026:
बहराइच व गोंडा की ओर जाने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। बाराबंकी-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरयू नदी पर बना संजय सेतु 10 फरवरी से करीब दो महीने तक पूरी तरह बंद रहेगा। पुल की हालत खराब होने और लगातार सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों के चलते मरम्मत का फैसला लिया गया है।
यह पुल रामनगर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी पर बना है, जो बाराबंकी और बहराइच जिलों की सीमा तय करता है। संजय सेतु की नींव अप्रैल 1981 में रखी गई थी और इसका निर्माण वर्ष 1984 में पूरा हुआ था। करीब चार दशक पुराने इस पुल पर अब यातायात का दबाव कई गुना बढ़ चुका है। वर्ष 2016 में इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही और ज्यादा बढ़ गई। बीते कुछ महीनों से पुल में ज्वाइंटर खुलने, बेयरिंग खिसकने और ढांचे में कमजोरी जैसी दिक्कतें सामने आ रही थीं। अब तक इसके ज्वाइंट्स की दस से ज्यादा बार मरम्मत हो चुकी है। मौजूदा हालात को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक बार फिर व्यापक मरम्मत का फैसला किया है।
संजय सेतु बंद होने से सिर्फ स्थानीय यातायात ही नहीं, बल्कि नेपाल को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय मार्ग भी प्रभावित होगा। बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जैसे जिलों से रोजाना हजारों यात्री और मालवाहक वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं।

पुल बंद रहने के दौरान वैकल्पिक रास्तों के तौर पर चहलारी घाट होते हुए सीतापुर या अयोध्या मार्ग से आवागमन किया जा सकेगा। हालांकि इन रास्तों से सफर करने पर यात्रियों को करीब 150 से 200 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इसका असर खासतौर पर बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपात स्थिति में जाने वालों पर पड़ सकता है।
इधर, बाराबंकी-बहराइच हाईवे को फोर लेन बनाने की योजना के तहत संजय सेतु के समानांतर एक नए पुल के निर्माण की बात काफी समय से चल रही है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद एनएचएआई ने सर्वे भी पूरा कर लिया था। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल संजय सेतु और रेलवे पुल के बीच प्रस्तावित है, लेकिन अब तक काम जमीन पर शुरू नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मरम्मत के दौरान सरयू नदी पर अस्थायी पीपे का पुल बनाने की मांग उठाई है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और यातायात पूरी तरह न रुके। एनएचएआई लखनऊ के सहायक अभियंता अनंत मौर्य के मुताबिक पुल की मरम्मत से जुड़ा सर्वे पूरा हो चुका है। पुल बंद करने की जानकारी संबंधित जिलों के डीएम और लोक निर्माण विभाग को भेज दी गई है। अंतिम फैसला राज्य स्तर पर लिया जाएगा, जिसके बाद वैकल्पिक मार्गों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।






