लखनऊ, 21 नवंबर 2025:
उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के दर्जनों सदस्यों ने परिवहन विभाग में कथित अवैध वसूली और भारी-भरकम चालान के खिलाफ शुक्रवार को लखनऊ में प्रदर्शन किया। समिति के सदस्य प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के आवास का घेराव करने और ज्ञापन देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें काफी पहले ही रोक दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।
पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों और जवानों के बीच नोकझोंक भी हुई। समिति के अध्यक्ष राजीव जायसवाल ने कहा कि छोटे वाहनों से भी भारी वाहनों की तरह जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे चालक बेहद परेशान हैं। एक बार ओवरलोडिंग के नाम पर ₹22,000 तक का चालान भरना पड़ता है जो बेहद अधिक है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में यही जुर्माना महज ₹2,000 प्रति टन है। यूपी में यह राशि दस गुना से भी ज्यादा वसूली जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फैजाबाद, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, बाराबंकी आदि जिलों में आरटीओ द्वारा एंट्री शुल्क और ओवरलोडिंग के नाम पर अवैध वसूली चल रही है। उनका कहना है कि ₹2,000 की ‘एंट्री’ देने के बाद कहीं भी कार्रवाई नहीं होती, लेकिन जो चालक यह रकम नहीं देते उन्हें लगातार चालान कर परेशान किया जाता है।
चालकों का कहना है कि उनकी छोटी गाड़ियां हैं। उन्हें आमतौर पर डाला या छोटा हाथी कहा जाता है। इन पर भारी ट्रक की तरह जुर्माना लगाकर अन्याय किया जा रहा है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री आवास पर सामूहिक आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।






