रामपुर, 29 नवंबर 2025:
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान को अमर सिंह की बेटियों पर की गई कथित टिप्पणी वाले मामले में अदालत ने बरी कर दिया है। यह मामला एक टीवी इंटरव्यू में दिए गए बयान से जुड़ा था, जिसके बाद अमर सिंह ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में केस को लखनऊ से रामपुर के अजीम नगर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया था।
मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा था। बहस पूरी होने के बाद फैसले की तारीख 28 नवंबर तय की गई थी। आजम खान को अदालत में पेश होना था। कोर्ट में पेशी के लिए पुलिस कैदी वैन को जेल गेट पर लेकर आई थी। जैसे ही आजम खान की नजर उस वाहन पर पड़ी, वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक कैदी हूं। इस कैदी वाहन में नहीं जाऊंगा। मुझे छोटे वाहन जैसे बोलेरो में ले जाया जाए। इसके बाद वे तुरंत वापस जेल परिसर के अंदर लौट गए। पुलिस एवं जेल प्रशासन के अधिकारी उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे, जबकि दूसरी ओर उनके लिए छोटा वाहन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हालांकि, बाद में वे कोर्ट की प्रक्रिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
गौरतलब है कि आजम खान 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। रिहाई के बाद उन्हें दोहरे पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराए जाने पर फिर से जेल जाना पड़ा। इस केस में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था। अमर सिंह टिप्पणी वाले मामले में बरी होने के बाद आजम खान ने अदालत का धन्यवाद व्यक्त किया।
आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम पर भी कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर दो पासपोर्ट बनाए और उनका उपयोग किया। यह मुकदमा भाजपा नेता और शहर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी। गुरुवार को अभियोजन पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई।
अदालत ने बचाव पक्ष को 1 दिसंबर तक तर्क और साक्ष्य देने का समय दिया है। 5 दिसंबर को अदालत इस मामले में निर्णय सुनाएगी। अब्दुल्ला आजम पहले ही धोखाधड़ी मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं। अभी वे अपने पिता आजम खान के साथ रामपुर जेल में बंद हैं।






