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बटेश्वर में नाविक बने संस्कृति के संवाहक : स्टोरी टेलिंग से आपदा प्रबंधन तक मिला विशेष प्रशिक्षण

यूपी पर्यटन विभाग का अभिनव प्रयास, अब नाव की सैर के साथ नाविक सुनाएंगे लोक कथाएं, 32 नाविकों को कुशल व्यवहार, प्राथमिक उपचार और ऑनलाइन पेमेंट का भी मिला प्रशिक्षण

लखनऊ, 7 जनवरी 2026:

यूपी के आगरा जनपद में यमुना तट पर स्थित ऐतिहासिक-धार्मिक पर्यटन ग्राम बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में एक अभिनव और महत्वाकांक्षी पहल की गई है। इस पहल के तहत स्थानीय नाविकों को केवल नाव संचालन तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्टोरी टेलिंग, आपदा प्रबंधन और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से जोड़ा गया ताकि वे पर्यटकों के लिए बटेश्वर की संस्कृति, इतिहास और आस्था के सशक्त संवाहक बन सकें।

मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान (एमकेआईटीएम) लखनऊ के सहयोग से एसडीआरएफ द्वारा 5 जनवरी से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन अटल संकुल केंद्र बटेश्वर में किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 32 नाविकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नाविकों के कौशल को बहुआयामी बनाते हुए पर्यटन अनुभव को अधिक समृद्ध और सुरक्षित बनाना था।

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यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बटेश्वर में ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नाविकों को स्टोरी टेलिंग, आपदा प्रबंधन और ऑनलाइन पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर उन्हें केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि बटेश्वर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतिनिधि बनाया जा रहा है। इससे पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एमकेआईटीएम लखनऊ के स्टोरी टेलर गौरव श्रीवास्तव ने बाह-बटेश्वर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार घाटों, नौका विहार और प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़ी कहानियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत कर पर्यटकों की यात्रा को यादगार बनाया जा सकता है। नाविकों को नौका विहार के दौरान सैलानियों से शिष्टाचारपूर्ण संवाद और प्रभावी जानकारी साझा करने के गुर भी सिखाए गए।

एसडीआरएफ टीम ने आपात स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए। चिकित्सकों ने सीपीआर और त्वरित प्राथमिक उपचार की जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही ऑनलाइन पेमेंट जैसी सुविधाओं का प्रशिक्षण देकर नाविकों को आधुनिक पर्यटन की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया। समापन अवसर पर नाविकों को पहचान और एकरूपता देने के लिए टी-शर्ट और सदरी वितरित की गई।

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक प्रदेश में 2500 से अधिक नाविकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देते हुए स्थानीय समुदाय की भागीदारी को पर्यटन विकास की मजबूत आधारशिला बनाना है, ताकि पर्यटन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

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