लखनऊ, 13 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से एक दिन पहले राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई। अपना दल (कमेरावादी) के बैनर तले सोमवार को कार्यकर्ताओं ने दारुलशफा से अंबेडकर प्रतिमा तक समता संकल्प मार्च निकाला और अंबेडकर प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने यूजीसी लागू करो तथा आरक्षण का अधिकार दो जैसे नारे लगाए।
मार्च की अगुवाई करने वाली विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश को ऐसा संविधान दिया जो हर नागरिक खासतौर पर दलितों और पिछड़ों को सुरक्षा और समान अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संविधान ही देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने का सबसे बड़ा माध्यम है।

पल्लवी पटेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार बाबा साहब के प्रतीकों का सम्मान तो करती है लेकिन उनके विचारों और संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन लोगों की भी देन है जिन्होंने बाबा साहब के नाम पर सत्ता हासिल की लेकिन संविधान की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि आज समाज का एक बड़ा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। यूजीसी के मुद्दे पर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए रोक लगाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा रचा गया षड्यंत्र कुछ हद तक सफल जरूर हुआ लेकिन वंचित समाज और अंबेडकरवादी विचारधारा के समर्थकों के संघर्ष से अधिकारों की रक्षा होती रहेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि यूजीसी से जुड़ा मामला एक दिन फिर से शिक्षा व्यवस्था में लागू होगा और वंचित वर्गों को उनका हक मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंततः भाजपा को ही इसे लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अंत में कार्यकर्ताओं ने संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए व्यापक आंदोलन खड़ा करने का संकल्प लिया।






