लखनऊ, 2 मार्च 2026 :
भदरसा के चर्चित गैंगरेप प्रकरण में अदालत से बरी होकर जेल से रिहा हुए सपा नेता मोईद खान के मामले ने एक बार फिर यूपी की राजनीति को गरमा दिया है। मामले में प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख डॉक्टर संजय निषाद ने पीड़िता की मां से अयोध्या सर्किट हाउस में सोमवार को मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी को निचली अदालत से राहत मिलने का मतलब यह नहीं है कि न्याय की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। पीड़िता पक्ष अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है और सरकार पूरी मजबूती से पैरवी करेगी। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।
संजय निषाद ने सपा मुखिया पर बोला तीखा हमला
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल से रिहाई के बाद सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडे द्वारा मोईद खान से मुलाकात करना और मोबाइल पर अखिलेश यादव से बातचीत कराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका यह कदम पीड़िता के मनोबल को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि मोईद खान के जेल से छूटते ही अखिलेश यादव ने तुरंत फोन पर बातचीत की। निषाद समाज की बेटी के बलात्कार का मामला था, अखिलेश जी थोड़ा रुक सकते थे। हम मान लेते हैं कि भले मुस्लिम वोट बैंक की बात है लेकिन कुछ तो शर्म होनी चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय निषाद ने कहा कि इस मामले में एक अन्य आरोपी राजू खान को 20 वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रकरण गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उच्च न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी कर आरोपी को दोबारा जेल भेजने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़िता निषाद समाज से आती है, इसलिए समाज के लोगों को न्याय की इस लड़ाई में उसके साथ खड़ा होना चाहिए। मंत्री ने दोहराया कि सरकार पीड़िता के साथ है और न्याय सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
यह है पूरा मामला
यह मामला जुलाई 2024 में सामने आया था, जब 12 वर्षीय नाबालिग लड़की (जो निषाद समाज से थी) पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा। लड़की मोईद खान की बेकरी में काम करती थी। FIR में मोईद खान और उनके कर्मचारी राजू खान को आरोपी बनाया गया। आरोपों में POCSO एक्ट, दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराएं शामिल थीं। मामले में लड़की गर्भवती भी हुई थी। पुलिस जांच में डीएनए टेस्ट हुआ, जिसमें मोईद खान का डीएनए मैच नहीं किया, जबकि राजू खान का मैच हो गया। अयोध्या के POCSO कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को मोईद खान को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया, जबकि राजू खान को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई। मोईद खान पर गैंगस्टर एक्ट का भी केस था, जिसमें हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे शुक्रवार को जेल से रिहा हो गए।






