लखनऊ/मुजफ्फरनगर, 14 अप्रैल 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास के बीच औद्योगिक अशांति फैलाने की कोशिशों पर कड़ा रुख अपनाते हुए श्रमिकों से सतर्क रहने की अपील की है।मुजफ्फरनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है लेकिन कुछ तत्व षड्यंत्र के तहत इस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा, सुशासन और सेवा का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत कर रही है। इस विकास यात्रा में श्रमिकों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है जिससे प्रदेश में शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहे।
सीएम ने श्रमिकों को कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि उस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी रही। परिवहन, क्वारंटीन और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया गया। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से भी अपील की कि वे श्रमिकों के साथ सीधा संवाद बनाए रखें जिससे किसी भी तरह की गलतफहमी या अशांति की स्थिति पैदा न हो।
उन्होंने बताया कि सरकार ने एक कॉरपोरेशन का गठन किया है जिसकी सिफारिशें जल्द लागू होंगी। इसके तहत सफाई कर्मियों से लेकर आउटसोर्सिंग पर कार्यरत युवाओं तक सभी को न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलेगी। भुगतान सीधे उनके खातों में जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। इसके अलावा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। इस आगे और विस्तारित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब प्रदेश में उद्योग ठप पड़ रहे थे और कानून व्यवस्था कमजोर थी। आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। निवेश बढ़ा और रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू हुई है। उन्होंने बताया कि जहां 2017 में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता मात्र 3000 थी, वहीं अब 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये जल्द ही सेवा में शामिल होंगे।






