लखनऊ, 5 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। सीएम योगी के विजन के तहत अब सिविल सर्विसेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यूपी सरकार 30 जनवरी तक सभी जिलों में आईटी उपकरणों की खरीद पूरी कर ग्राम पंचायत सचिवालयों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस पहल को ग्रामीण प्रतिभाओं को समान अवसर देने वाला बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
26 जनवरी तक डिजिटल लाइब्रेरी के लिए जरूरी फर्नीचर की खरीद पूरी करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद लाइब्रेरी को पूरी तरह संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। इन डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए गांवों में ही बड़े कोचिंग संस्थानों जैसी पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण युवाओं का पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह के मुताबिक डिजिटल लाइब्रेरी में वाई-फाई सुविधा, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम और पुस्तकों के साथ समृद्ध डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। ई-बुक्स, वीडियो और ऑडियो लेक्चर, क्विज और लाखों डिजिटल शैक्षणिक सामग्री के जरिए युवा अब अपने गांव में रहकर ही उच्च स्तर की तैयारी कर सकेंगे।
प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। एक लाइब्रेरी पर करीब 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें 2 लाख रुपये की किताबें, 1.30 लाख रुपये के आईटी उपकरण और 70 हजार रुपये का आधुनिक फर्नीचर शामिल है। यह पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने वाला कदम मानी जा रही है।
डिजिटल लाइब्रेरी का प्रबंधन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव करेंगे, जबकि इसकी नियमित निगरानी सहायक अधिकारी करेंगे। पंचायतीराज विभाग के अनुसार इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और युवा रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक सक्षम बनेंगे। सरकार का मानना है कि यह योजना गांवों से ही अफसर और विशेषज्ञ तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।






