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SIR में लगे बीएलओ की मौत पर परिजन आगे आए…काम के दबाव का आरोप, अफसरों का इंकार

परिजनों ने कहा एसआईआर के साथ वोटर लिस्ट का भी दिया गया था काम, रेड जोन में आ गया था बूथ, निष्पक्ष जांच और आर्थिक मदद की मांग रखी

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 28 फरवरी 2026:

निगोहा क्षेत्र में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे बीएलओ रामदीन की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने अधिकारियों पर अत्यधिक काम का दबाव बनाने का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

निगोहा के राती गांव निवासी 54 वर्षीय रामदीन प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान में उनकी ड्यूटी बूथ लेवल अधिकारी के रूप में लगाई गई थी। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और एसआईआर के काम को लेकर काफी तनाव में रहते थे।

परिजनों के अनुसार मैपिंग का काम समय से पूरा न होने पर उनके बूथ को रेड जोन में डाल दिया गया था। इसके बाद से उनकी चिंता और बढ़ गई थी। 25 फरवरी को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत मोहनलालगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आधी रात के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक के बेटे नवनीत कुमार का कहना है कि उनके पिता एसआईआर कार्य को लेकर बेहद परेशान रहते थे और अधिकारियों के दबाव की बात करते हुए कई बार भावुक हो जाते थे। परिवार का आरोप है कि एसआईआर के साथ-साथ पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में भी उनकी ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगा दी गई थी। शिकायत के बाद पंचायत की ड्यूटी तो हटा दी गई, लेकिन एसआईआर का काम लगातार जारी रहा। खराब सेहत की जानकारी देने के बावजूद राहत नहीं मिली।

शिक्षामित्र संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने भी कहा कि रामदीन बीमारी के बावजूद काम के तनाव में थे। उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि रामदीन अनुभवी और मेहनती शिक्षामित्र थे। एसआईआर कार्य को लेकर उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उनके मुताबिक मृत्यु बीमारी के कारण हुई है।

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