लखनऊ, 10 मार्च 2026:
यूपी सरकार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस की बुकिंग व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ी पहल करते हुए ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के 21 सर्किट हाउसों और 334 गेस्ट हाउसों में कमरे ऑनलाइन बुक किए जा सकेंगे। इससे बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो जाएगी।
सीएम योगी के पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के विजन के अनुरूप लोक निर्माण विभाग ने सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस की बुकिंग प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। इसके लिए विभाग ने एक एकीकृत वेब आधारित सर्किट हाउस सूचना प्रणाली विकसित की है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर कमरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाइम में देख सकेंगे।
नई प्रणाली में उपयोगकर्ताओं को रियल टाइम रूम अवेलेबिलिटी डैशबोर्ड और लाइव रूम स्टेटस की सुविधा मिलेगी। इससे यह आसानी से पता चल सकेगा कि किस सर्किट हाउस या गेस्ट हाउस में कितने कमरे उपलब्ध हैं। पहले जहां यह प्रक्रिया ईमेल या फोन कॉल के माध्यम से मैनुअल तरीके से की जाती थी वहीं अब पूरा प्रबंधन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगा।
ऑनलाइन बुकिंग के साथ भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की व्यवस्था को भी डिजिटल बना दिया गया है। बुकिंग करते समय आवेदक को अपना पहचान पत्र या अधिकृत पत्र अपलोड करना होगा। भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद ई-मेल और एसएमएस के जरिए स्वतः रसीद प्राप्त हो जाएगी। साथ ही डिजिटल लेजर में सभी लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और राजस्व की निगरानी भी की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय और जिला स्तर पर केंद्रीयकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी बुकिंग और राजस्व की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इससे राजस्व के नुकसान को रोकने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि सर्किट हाउस के कुछ कमरे वीआईपी दौरों और आपातकालीन सरकारी उपयोग के लिए आरक्षित रहेंगे, जबकि शेष कमरे आम लोगों के लिए पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होंगे।
इच्छुक व्यक्ति विभाग की वेबसाइट https://www.guesthouse.uppwd.gov.in पर जाकर आसानी से कमरा बुक कर सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में जिला प्रशासन की अनुमति से ऑन-द-स्पॉट बुकिंग भी इसी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। नई डिजिटल व्यवस्था से परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि और आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं मिलने की उम्मीद है।






