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UP News : पूर्व DGP बृजलाल का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश

राज्यसभा सांसद ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर लगाए गंभीर आरोप, नेपाल-बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की साजिश का किया दावा, मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात नहीं होने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया को भी बताया न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश

लखनऊ, 13 अक्टूबर 2026:

भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे कथित अमेरिकी डीप स्टेट और विदेशी शक्तियों के सहारे देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। उनका दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत कुछ विदेशी शक्तियों को रास नहीं आ रही है और विपक्षी दलों के जरिए सरकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

सत्ता में वापसी की उम्मीद टूटने पर मायूस है कांग्रेस

बृजलाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में वापसी की संभावनाएं कमजोर देखकर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की रणनीति अपना रही है। उन्होंने नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका का जिक्र करते हुए दावा किया कि भारत में भी इसी तरह के हालात पैदा करने की कोशिश हो रही है। हालांकि, विदेशी शक्तियों की ओर से ऐसी किसी साजिश की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य उन्होंने अपने बयान में पेश नहीं किया।

मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का मामला उठाया

बृजलाल ने 12 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च करने के घटनाक्रम पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और अन्य नेता चुनाव आयोग तथा एसआईआर समेत विभिन्न मुद्दों पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात करना चाहते थे। बृजलाल ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए ईमेल के जरिए संवैधानिक परंपराओं के बारे में जानकारी दी। कांग्रेस की ओर से इस पत्र को सोशल मीडिया मंच एक्स पर सार्वजनिक किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया।

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केरल कांग्रेस ने किया शर्मनाक कृत्य

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की केरल इकाई ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनके इस्तीफे की मांग की। बृजलाल ने इसे सर्वोच्च न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश है। भाजपा सांसद ने यह भी दावा किया कि यदि मुख्य न्यायाधीश विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर लेते तो राहुल गांधी इस मुलाकात को अपने राजनीतिक नैरेटिव के पक्ष में इस्तेमाल कर सकते थे।

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इंदिरा गांधी के दौर का हवाला देकर कांग्रेस को घेरा

बृजलाल ने कांग्रेस पर न्यायपालिका को अपने अनुकूल रखने की पुरानी राजनीतिक सोच अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में न्यायाधीशों की नियुक्तियों और वरिष्ठता की अनदेखी से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने जस्टिस बहरूल इस्लाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वह 1962 और 1968 में राज्यसभा के सदस्य बने थे। इसके बाद उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट में न्यायाधीश और मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम किया तथा 1980 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। बृजलाल ने आरोप लगाया कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े मामले में राहत मिलने के बाद बहरूल इस्लाम ने सुप्रीम कोर्ट से इस्तीफा दिया और 1983 में कांग्रेस ने उन्हें फिर राज्यसभा भेजा।

पहले भी न्यायाधीशों को दरकिनार किया गया

उन्होंने 1973 के केशवानंद भारती मामले का भी जिक्र किया। बृजलाल के मुताबिक, इस फैसले के बाद इंदिरा गांधी सरकार ने तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों को दरकिनार कर जस्टिस एएन रे को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया था। इसी तरह उन्होंने आपातकाल के दौरान एडीएम जबलपुर मामले में जस्टिस एचआर खन्ना की असहमति का हवाला देते हुए कहा कि बाद में उनकी वरिष्ठता की अनदेखी कर जस्टिस एमएच बेग को मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।

संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने का आरोप

बृजलाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी पुरानी राजनीतिक सोच के तहत ऐसी न्यायपालिका चाहती है, जो उसके विचारों और अपेक्षाओं के अनुरूप काम करे। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक दबाव में लेने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। भाजपा सांसद का कहना है कि कांग्रेस सत्ता से बाहर रहने के कारण अब न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति अपना रही है। उन्होंने विदेशी शक्तियों की कथित भूमिका का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि इसका मकसद देश में अस्थिरता पैदा करना है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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